Tuesday, August 03, 2010

शरारती सार्थक आलसी भी हुआ...

कुछ दिन से मेरा बेटा शरारती सार्थक बेहद आलसी होता जा रहा है...

हाल ही में एक दिन हम दोनों टीवी देख रहे थे, तो वह मुझसे बोला, "पापा, एक गिलास पानी ला दो..."

मुझे उसकी यह हरकत बुरी लगी, और मैंने डपटकर कहा, "खुद उठकर लेकर आ..."

लेकिन उसने फिर कहा, "प्लीज़ पापा, ला दो न..."

मैंने ज़ोर से डांटते हुए कहा, "सार्थक, बदतमीज़ी बंद कर, और अपना काम खुद करना सीख..."

लेकिन सार्थक बाज़ नहीं आया, और बोला, "प्लीज़... प्लीज़... बहुत प्यास लगी है, पापा... ला दो न..."

अब मेरा पारा चढ़ गया, और मैंने धमका दिया, "अब एक बार भी तूने कहा, तो कसकर थप्पड़ लगाऊंगा..."

सार्थक ने तपाक से कहा, "अच्छा, ठीक है... जब थप्पड़ मारने आओगे, तब एक गिलास पानी लेते आना..."

No comments:

Post a Comment

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

मेरी पहेलियां...

मेरी पसंदीदा कविताएं, भजन और प्रार्थनाएं (कुछ पुरानी यादें)...

मेरे आलेख (मेरी बात तेरी बात)...