संता सिंह की कपड़ों की दुकान पर पहुंचकर एक सज्जन ने कहा, "कुछ साड़ियां दिखाएंगे, भाईसाहब...?"
संता ने तुरंत पूछा, "साड़ी आपकी पत्नी के लिए चाहिए, या कुछ खास दिखाऊं...?"

चुटकुला ऐसी संज्ञा है, जिससे कोई भी अपरिचित नहीं... हंसने-हंसाने के लिए दुनिया के हर कोने में इसका प्रयोग होता है... खुश रहना चाहता हूं, खुश रहना जानता हूं, सो, चुटकुले लिखने-पढ़ने और सुनने-सुनाने का शौकीन हूं... कुछ चुनिंदा चुटकुले, या हंसगुल्ले, आप लोगों के सामने हैं... सर्वलोकप्रिय श्रेणियों 'संता-बंता', 'नॉनवेज चुटकुले', 'पति-पत्नी' के अलावा कुछ बेहतरीन हास्य कविताएं और मेरी अपनी श्रेणी 'शरारती सार्थक' भी पढ़िए, और खुद को गुदगुदाइए...
Thursday, February 18, 2010
साड़ी विक्रेता संता सिंह...
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