Tuesday, September 14, 2010

स्वर्ग में घूमने के लिए कार...

एक सड़क हादसे में तीन अधेड़ पुरुषों की मौत हो गई, और उन्हें चित्रगुप्त के सामने प्रस्तुत किया गया...

चित्रगुप्त ने उन सभी से कहा, "आप तीनों बेहद धार्मिक और दानवीर रहे हैं, सो, आपका स्वर्ग में स्थान निश्चित है, परंतु यहां घूमने-फिरने के लिए आपको दिया जाने वाला वाहन एक सवाल के जवाब पर निर्भर करता है..."

इतना कहकर चित्रगुप्त ने पहले सज्जन को अपने पास बुलाया और पूछा, "क्या आपने कभी अपनी पत्नी से बेवफाई की...?"

उस महाशय ने ईमानदारी से जवाब दिया, "हां, लगभग 50-60 बार..."

चित्रगुप्त ने मुस्कुराकर कहा, "आपको यहां स्वर्ग में भ्रमण करने के लिए यमराज ने यह मारुति कार भिजवाई है, इसे स्वीकार करें..."

वह सज्जन खुशी-खुशी कार लेकर कुछ दूरी पर अपने मित्रों की प्रतीक्षा में खड़े हो गए...

फिर चित्रगुप्त ने दूसरे व्यक्ति से वही सवाल किया, "क्या आपने कभी अपनी पत्नी से बेवफाई की...?"

उन्होंने भी ईमानदाराना जवाब दिया, "जी हां, लेकिन सिर्फ 5-7 बार..."

चित्रगुप्त ने उनसे भी मुस्कुराते हुए कहा, "स्वर्ग में भ्रमण करने के लिए यमराज ने आपके लिए यह हॉन्डा सिटी कार भिजवाई है, स्वीकार करें..."

अब तीसरे सज्जन की तरफ घूमकर चित्रगुप्त ने उनसे भी वही सवाल किया, तो वह बोले, "मैंने कभी भी अपनी पत्नी के साथ बेवफाई नहीं की..."

चित्रगुप्त बेहद प्रसन्न दिखने लगे, और बोले, "आपके लिए यमराज ने यह मर्सिडीज़ भिजवाई है, जिसके आप सच्चे हकदार हैं... कृपया स्वीकार करें..."

तीनों मित्र अपनी-अपनी कार लेकर घूमने चल दिए, परंतु कुछ ही दूर चलने पर मर्सिडीज़ वाले महाशय कार रोककर ज़ोर-ज़ोर से रोने लगे...

दोनों मित्र उनके पास पहुंचे और बोले, "यार, हमें तेरे मुकाबले में बेहद छोटी कार दी गई है, और तेरी कार बेहतरीन है, तू फिर भी रो रहा है... क्यों...?"

वह महोदय रोते-रोते बोले, "अभी-अभी मैंने अपनी पत्नी को नैनो कार में जाते हुए देखा है..."

8 comments:

  1. हा,,,हा,,,हा,,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,
    हा,,,हा,,,हा,,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,
    हा,,,हा,,,हा,,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,
    हा,,,हा,,,हा,,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,हा,
    गजब
    बेहद मजेदार
    याद रखे जाने लायक
    अब झेलाता हूँ दोस्तों को

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  2. विवेक जी, नैनो तो एकदम नयी गाडी है इसीलिए दी होगी। स्‍पेशल ऑफर में।

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  3. अजीत जी, 'स्पेशल ऑफर' कहेंगे तो गलत अर्थ लग जाएगा... ;-)

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  4. सच तो यह है कि मैं इस मामले में बिल्‍कुल ही अनुभवहीन हूँ तो शब्‍दों के दोहरे अर्थ समझ भी नहीं पाती। लेकिन आपका लतीफा था एकदम बढिया।

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  5. धन्यवाद, अजीत जी... :-)

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