Thursday, March 24, 2011

शरारती सार्थक और संस्कृत से अनुवाद...

संस्कृत की अध्यापिका ने कक्षा में कहा, "इस वाक्य का हिन्दी में अनुवाद करो... तमसो मा ज्योतिर्गमय..."

शरारती सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "तुम सो जाओ, मां... मैं ज्योति के घर जा रहा हूं..."

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