Thursday, December 02, 2010

शादी की 25वीं सालगिरह, और उदास संता...

संता सिंह ने अपनी शादी की 25वीं सालगिरह पर पत्नी से उदास स्वर में कहा, "भाग्यवान, आज से 25 साल पहले मेरे पास एक कमरे का छोटा-सा मकान था, एक बेहद पुराना खटारा-सा स्कूटर था, और घर में सिर्फ एक टूटी-फूटी चारपाई थी, लेकिन मुझे 25 साल की कड़क जवान खूबसूरत लड़की के साथ सोना नसीब होता था... और आज मेरे पास यह बड़ा बंगला है, शानदार मर्सिडीज़ कार है, उससे भी शानदार शीशम की लकड़ी का बना खूबसूरत पलंग है, लेकिन आज मुझे 50 साल की बुढ़िया के साथ सोना नसीब होता है... क्या यह किस्मत की नाइंसाफी नहीं है..."

पत्नी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मेरे सरताज, मेरी तरफ से खुली छूट है, तुम इस 50 साल की उम्र में फिर जाकर 25 साल की कड़क जवान खूबसूरत लड़की ढूंढ लो, मैं नहीं रोकूंगी, लेकिन वह लड़की खुद इस बात की गारंटी बन जाएगी, कि कुछ ही वक्त के बाद तुम फिर एक कमरे के छोटे-से मकान में रहोगे, एक बेहद पुराना खटारा-सा स्कूटर चलाओगे, और घर में सिर्फ एक टूटी-फूटी चारपाई पर सोओगे..."

2 comments:

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

कौन हूं मैं...

मेरी पहेलियां...

मेरी पसंदीदा कविताएं, भजन और प्रार्थनाएं (कुछ पुरानी यादें)...

मेरे आलेख (मेरी बात तेरी बात)...