Wednesday, February 01, 2012

संता सिंह की हुई जोरदार पिटाई...

बुरी तरह हुई पिटाई के बाद संता सिंह अस्पताल में भर्ती थे, और उनके सिर पर पट्टियां, हाथ-पैरों में प्लास्टर बंधे थे...

उनका मित्र बंता सिंह उन्हें देखने पहुंचा, और पूछा, "तुझे इतनी मार कैसे पड़ी, यार...?"

संता ने रुंआसे स्वर में जवाब दिया, "कुछ मत पूछ, यार... कल रात एक शादी में गया था, वहां नाच-गाने के दौरान मैं 'बोलियां' दे रहा था, एक 'बोली' गड़बड़ हो गई..."

बंता ने फिर पूछा, "ऐसी क्या बोली दे दी थी तूने...?"

संता ने कहा, "बारी बरसी खटन गया सी, खट के ले आंदा तार... भंगड़ा तां सजदा, जे नचे कुड़ी दा यार..."

बंता ने तपाक से कहा, "फिर तो मार पड़नी ही थी..."

अब संता के चेहरे पर मुस्कान आई, और बोला, "मुझे तो सिर्फ मार ही पड़ी है, दोस्त, लेकिन जो नाचा था, उसकी परसों उठावनी है..."

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अब क्या कहूं अपने बारे में... विवाहित हूं, एक बेटा और एक बेटी हैं... पत्नी का नाम हेमलता है, लेकिन हम हेमा कहते हैं... बेटे का नाम सार्थक है और बेटी का नाम है निष्ठा... पत्नी बरेली (उत्तर प्रदेश) के पास एक कस्बे आंवला में राज्य सरकार के एक डिग्री कॉलेज में हिन्दी विषय की प्रवक्ता (लेक्चरर) हैं, सो, वह बच्चों के साथ बरेली रहती हैं, और मैं अपने माता-पिता के साथ दिल्ली में... संप्रति एनडीटीवीखबर.कॉम का संपादकीय प्रमुख हूं... अपने स्कूली साथियों की जानकारी के लिए बता रहा हूं कि मैंने पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1991 में एक सांध्य दैनिक से की थी... उसके बाद दिल्ली प्रेस, कुबेर टाइम्स तथा दैनिक जागरण जैसे प्रिंट संस्करणों में सहयोग देकर फरवरी, 2000 में डॉटकॉम पत्रकारिता में प्रवेश किया... सिर्फ एक साथी के साथ जागरण.कॉम लॉन्च करने के बाद से अब तक अपने नेतृत्व में टाइम्स ऑफ इंडिया समूह के लिए नवभारतटाइम्स.कॉम, हिन्दुस्तान टाइम्स समूह के लिए हिन्दुस्तानदैनिक.कॉम (अब लाइवहिन्दुस्तान.कॉम) तथा एनडीटीवीखबर.कॉम लॉन्च कर चुका हूं...

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