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Wednesday, May 25, 2011

इंजीनियर साहब, गुसलखाने का नल, और प्लम्बर...

इंजीनियर साहब के घर में गुसलखाने का नल टपक रहा था, सो, उन्होंने प्लम्बर को बुलवाया...

नल को सुधारने के बाद प्लम्बर ने कहा, "सर, वॉशर लीक हो रहा था, बदल दिया है... पांच सौ रुपये दीजिए..."

इंजीनियर साहब ने हैरान होकर कहा, "अरे यार, इतना-सा काम करने के पांच सौ रुपये तो मुझे भी नहीं मिलते, जबकि मैं इंजीनियर हूं..."

प्लम्बर ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मुझे भी नहीं मिलते था, सर, जब तक मैं इंजीनियर था..."
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