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Tuesday, February 14, 2012

शरारती सार्थक, खाली पीरियड, और 3 इडियट्स...

शरारती सार्थक की क्लास टीचर छुट्टी पर थीं, सो, वैकल्पिक अध्यापिका के रूप में भेजी गईं मैडम ने बच्चों से उनकी पसंदीदा फिल्मों के बारे में बातचीत करना शुरू किया...

चर्चा के दौरान पता चला कि लगभग सभी बच्चों को आमिर खान और करीना कपूर अभिनीत '3 इडियट्स' बेहद पसंद आई थी, सो, मैडम ने पूछा, "क्या तुम लोग बता सकते हो, '3 इडियट्स' से हमें क्या-क्या सीखने को मिला...?"

तुरन्त ढेरों बच्चों ने जवाब देने के लिए हाथ खड़ा कर दिया...

मैडम ने एक बच्चे को इशारा किया, और कहा, "हां बेटे, बताओ..."

बच्चे ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मैडम, '3 इडियट्स' से हमें यह पता चलता है कि इंजानियरिंग करते हुए भी मेडिकल कॉलेज की लड़की पटाई जा सकती है..."

मैडम भौंचक्की-सी रह गईं, और तुरन्त बोलीं, "अच्छा, अच्छा... बैठ जाओ..."

उसके बाद दूसरे बच्चे को खड़ा किया, जिसने कहा, "मैडम, '3 इडियट्स' से हमें यह शिक्षा मिलती है कि कॉलेज के पहले दिन अंडरवियर ज़रूर पहनना चाहिए..."

मैडम का पारा चढ़ गया, और डपटकर बोलीं, "बकवास बंद करो... और बैठ जाओ..."

अब उन्होंने तीसरे बच्चे को इशारा किया, और कहा, "तुम बताओ, और कोई बकवास मत करना..."

बच्चे ने चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ कहा, "मैडम, '3 इडियट्स' से हमें यह पता चलता है कि डॉक्टर ही नहीं, इंजीनियर भी डिलीवरी करवा सकता है..."

अब तो मैडम आगबबूला हो गईं, और बोलीं, "तुम सब बेहद बदतमीज़ हो... चुपचाप बैठ जाओ..."

सभी बच्चों ने डरकर हाथ नीचे कर लिए, लेकिन शरारती सार्थक अपना हाथ ज़ोर-ज़ोर से लहराने लगा...

मैडम ने उसकी तरफ घूरकर देखा, लेकिन कोई असर न होते देखकर बोलीं, "ठीक है, लेकिन सोच लो, कोई काम की बात ही कहना..."

सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "मैडम, '3 इडियट्स' से हमें यह शिक्षा मिलती है कि किस करते वक्त नाक बीच में नहीं आती..."

Thursday, December 15, 2011

शरारती सार्थक, और एम्बुलेन्स का रंग...

कक्षा में अध्यापक ने बच्चों से कहा, "हर वक्त सिर्फ पाठ्यक्रम के हिसाब से नहीं पढ़ना चाहिए, और कभी-कभी इधर-उधर के सवाल-जवाब भी करने चाहिए, ताकि जनरल नॉलेज बढ़े... सो, तुम लोग बताओ, एम्बुलेन्स का रंग सफेद क्यों होता है...?"

शरारती सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "सर, एम्बुलेन्स में ऑक्सीजन का सिलेन्डर होता है... ऑक्सीजन गैस होती है... गैस से ही हम भोजन पकाते हैं... भोजन से हमें विटामिन मिलते हैं... विटामिन हमें सूरज से भी मिलते हैं... सूरज से हमें रोशनी भी मिलती है... रोशनी हमें बल्ब से भी मिलती है... बल्बों से हम क्रिसमस पर सजावट भी करते हैं... हम बच्चों के लिए क्रिसमस का अर्थ तोहफे होता है... तोहफे हमें सैन्टा क्लॉज़ देता है... सैन्टा क्लॉज़ नॉर्थ पोल पर रहता है... नॉर्थ पोल पर पोलर बियर (ध्रुवीय भालू) भी रहते हैं... पोलर बियर (ध्रुवीय भालू) सफेद होते हैं... इसलिए एम्बुलेन्स का रंग सफेद होता है..."

Friday, November 18, 2011

शरारती सार्थक, और मौजूदा शिक्षा व्यवस्था से सवाल...

'मौजूदा शिक्षा व्यवस्था' विषय पर आयोजित की गई निबन्ध प्रतियोगिता में शरारती सार्थक का लिखा निबन्ध अस्वीकार कर दिया गया, सो, घर आकर गुस्से से बोला, "सच सुनने की ताकत ही नहीं रही है किसी में... बस, पढ़ा और फेंक दिया..."

पिता ने उलझन-भरे स्वर में पूछा, "निबन्ध में क्या लिखा था तुमने...?"

सार्थक ने तपाक से कॉपी पिता की तरफ बढ़ाई, जिसमें लिखा था, "मौजूदा शिक्षा व्यवस्था से मेरा और मेरी पीढ़ी के सभी साथियों का एक ही सवाल है - अगर एक ही अध्यापक सभी विषय पढ़ा नहीं सकता, तो हम छात्रों से यह आशा कैसे की जा सकती है कि एक ही छात्र सभी विषयों को समझ और याद कर सकता है..."

Thursday, November 17, 2011

शरारती सार्थक, और हिन्दी का मुहावरा...

हिन्दी के अध्यापक ने कक्षा से सवाल किया, "कल मैंने जो मुहावरा पढ़ाया था, सांप भी मर जाए, और लाठी भी न टूटे, उसका एक सटीक उदाहरण दो..."

शरारती सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "हस्तमैथुन..."

Wednesday, October 05, 2011

शरारती सार्थक, और रुपये-पैसे का समीकरण...

शरारती सार्थक की हाज़िरजवाबी, और इस आदत के तहत दिए गए ऊटपटांग जवाबों के चलते सभी अध्यापक परेशान थे, लेकिन लाख समझाने पर भी वह बाज़ नहीं आता था, सो, एक दिन गणित के अध्यापक ने एक असंभव सवाल पूछकर सार्थक का सिर नीचा करने की योजना बनाई...

अगले दिन कक्षा में आते ही अध्यापक ने सार्थक को एक सवाल हल करने के लिए दिया, "सिद्ध करो कि एक रुपया और एक पैसा समान होते हैं..."

सार्थक ने विचलित हुए बिना चॉक उठाया, और जाकर ब्लैकबोर्ड पर लिखना शुरू कर दिया...

=> एक रुपया = 100 पैसे
=> एक रुपया = 10 पैसे x 10 पैसे
=> एक रुपया = 0.1 रुपया x 0.1 रुपया
=> एक रुपया = 0.01 रुपया
=> एक रुपया = एक पैसा

अध्यापक बेचारा सिर धुनकर रह गया...

Friday, September 09, 2011

शरारती सार्थक, और 'कूलनेस' की हद...

पढ़ाई के प्रति बेहद लापरवाह रहने वाला शरारती सार्थक टोके जाने पर हमेशा कहता था, "टेक ए चिल पिल, डैड... डोन्ट वरी, आई विल बी कूल... अगर मैं आपकी सलाह के मुताबिक टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करूंगा तो मेरे दोस्त मेरा मज़ाक उड़ाएंगे..."

अंततः परीक्षाएं शुरू हुईं, और पेपर खत्म होने के बाद सार्थक और उसका एक दोस्त परीक्षा हॉल से बाहर निकले, कैन्टीन में जाकर बैठे, और खाने-पीने लगे...

दोस्त ने पूछा, "यार सार्थक, आज किस सब्जेक्ट का पेपर था...?"

सार्थक का जवाब आया, "शायद मैथ्स का..."

दोस्त ने हैरानी से पूछा, "इसका मतलब तूने पेपर को पढ़ा था...?"

सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "अबे नहीं... पढ़ा नहीं था, लेकिन मंजरी को कैलकुलेटर इस्तेमाल करते देखा था..."

Tuesday, August 30, 2011

शरारती सार्थक, और नई मैडम...

शरारती सार्थक ने स्कूल से घर आते ही अपने पिता से कहा, "पापा... पापा... हमारी क्लास में आज एक नई मैडम आई थीं... बहुत हॉट हैं..."

पिता ने बेटे के मुंह से ऐसी भाषा सुनकर फटकारते हुए कहा, "तुम्हें शर्म आनी चाहिए, अपनी मैडम के बारे में ऐसी बात कहते हुए... टीचर तो मां-समान होती है..."

सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "मैं पहले से ही जानता था... आप हमेशा अपने जुगाड़ में ही लगे रहते हो..."

Wednesday, August 24, 2011

शरारती सार्थक, और आठ का आधा...

मैडम ने कक्षा में शरारती सार्थक से सवाल किया, "बेटे, आप बताओ, आठ का आधा कितना होता है..."

सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "मैडम, अगर हॉरीजॉन्टली आधा करेंगे तो ज़ीरो, और वर्टिकली आधा करेंगे तो तीन..."

Monday, August 22, 2011

शरारती सार्थक, सफल पुरुष, तथा महिला का हाथ...

अध्यापक ने कक्षा को पढ़ाया, "प्रत्येक सफल पुरुष के पीछे एक महिला का हाथ होता है... इस उक्ति से हमें क्या शिक्षा मिलती है...?"

शरारती सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "सर, इसका अर्थ है, भाड़ में भेजो पढ़ाई को, और एक महिला ढूंढने निकल पड़ो..."

Friday, August 19, 2011

Top five answers from the teachers...

Top five answers from the teachers, when they don't know the answers...

5. I think the question is wrong...

4. I will tell you the answer tomorrow...

3. Don't ask foolish questions...

2. You will study about it in the next class...

And the best is...
1. Good question... Now, raise your hands who know the answer...

Thursday, August 18, 2011

क्या-क्या बनाया भगवान ने...

अध्यापक ने क्लास में लेक्चर के दौरान कहा, "भगवान ने सबसे पहले धरती बनाई... और उसके बाद कुछ दिन के लिए चैन से सो गया..." 

छात्र ने सवाल किया, "फिर क्या हुआ, सर...?" 

अध्यापक बोले, "फिर उठकर भगवान ने धरती पर पहाड़, नदियां, पेड़-पौधे बनाए, और फिर कुछ दिन के लिए चैन से सो गया..." 

छात्र ने फिर पूछा, "उसके बाद, सर...?" 

अध्यापक ने कहा, "फिर भगवान ने आदमी बनाया, और इस बार भी कुछ दिन के लिए चैन से सो गया..." 

छात्र उत्सुकता से बोला, "फिर, सर...?" 

अध्यापक बोले, "इस बार उठने के बाद भगवान ने औरत को बनाया... और तब से अब तक न भगवान चैन से सो पाया है, न आदमी..."

यह चुटकुला मेरी वेबसाइट http://www.NDTVKhabar.com के फरीदकोट (पंजाब) निवासी पाठक पीताम्बर थाकवानी ने भेजा है, और उनका ईमेल आईडी pitamber.thakwani@gmail.com है...

Thursday, August 11, 2011

शरारती सार्थक, और परेशान मैडम...

शरारती सार्थक के स्कूल में उसकी शरारतों से परेशान होकर मैडम ने कहा, "सार्थक, अगर मैं तुम्हारी मम्मी होती, तो तुम्हें दो दिन में सुधार देती..."

सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "ठीक है, मैडम... मैं कल पापा से सलाह-मशवरा करके आपको बताता हूं..."

Monday, August 08, 2011

शरारती सार्थक, और सबसे तेज़ उड़ने वाला पक्षी...

अध्यापक ने कक्षा में सवाल किया, "कौन-सा पक्षी सबसे तेज़ उड़ता है...?"

शरारती सार्थक ने जवाब दिया, "हाथी, सर..."

सर का पारा चढ़ गया, और चीखकर बोले, "नालायक, बेवकूफ... तुम्हारे पिता क्या करते हैं...?"

सार्थक ने मासूमियत-भरे स्वर में कहा, "सर, वह दाऊद इब्राहीम की गैंग में शार्प शूटर हैं..."

सर ने तपाक से कहा, "शाबास बेटे, हाथी बिल्कुल सही जवाब है..."

Wednesday, August 03, 2011

शरारती सार्थक, और गणित का अध्यापक...

शरारती सार्थक ने अपने गणित के अध्यापक के घर पर फोन किया, लेकिन फोन उनकी पत्नी ने उठाया, तो सार्थक ने कहा, "मैडम नमस्ते, मैं सार्थक बोल रहा हूं, क्या रमेश सर से बात कराएंगी, प्लीज़...?"

उधर से बेहद उदास स्वर में जवाब आया, "उनका तो कल शाम एक दुर्घटना में देहांत हो गया है..."

सार्थक ने कहा, "ओह, माफ कीजिएगा...", और फोन रख दिया...

अगले दिन सार्थक ने फिर रमेश सर के घर पर फोन किया और पूछा, "रमेश सर हैं क्या...?"

उधर से आवाज़ आई, "आपको कल भी बताया था, उनका दो दिन पहले एक दुर्घटना में देहांत हो गया है..."

सार्थक ने फिर कहा, "ओह, माफ कीजिएगा...", और फोन रख दिया...

तीसरे दिन भी सार्थक ने रमेश जी के घर पर फोन कर सवाल किया, "रमेश सर हैं क्या...?"

इस बार उधर से गुर्राती हुई आवाज़ आई, "आपको रोज़ बता रही हूं कि उनका एक दुर्घटना में देहांत हो गया है, फिर आप बार-बार फोन क्यों करते हो...?"

सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "सुनकर बहुत अच्छा लगता है..."

Friday, June 10, 2011

शरारती सार्थक, और गणित की कक्षा में मैडम...

शरारती सार्थक से गणित की कक्षा में मैडम ने सवाल किया, "अगर चार और तीन जोड़ने पर सात आता है, और पांच और चार जोड़ने पर नौ आता है, तो 13 और 17 जोड़ने पर क्या आएगा...?"

सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "मैडम, यह तो अन्याय है... आसान सवालों के जवाब तो खुद दे दिए, मुश्किल सवाल मुझसे पूछ रही हो..."

Thursday, June 09, 2011

शरारती सार्थक, और क्रिकेट मैच पर निबंध...

कक्षा में मैडम ने बच्चों से क्रिकेट मैच पर निबंध लिखने के लिए कहा...

सभी बच्चों ने तुरंत लिखना शुरू कर दिया, और मैडम कक्षा में चहलकदमी करने लगीं...

कुछ ही मिनट बाद उन्होंने पाया कि शरारती सार्थक कुछ नहीं लिख रहा है, तो वहां जाकर पूछा, "सार्थक, तुम कुछ क्यों नहीं लिख रहे हो...?"

हमेशा की तरह तपाक से सार्थक का जवाब आया, "मैडम, मैं निबंध पूरा लिख चुका हूं..."

मैडम ने हाथ बढ़ाया और सार्थक की कॉपी उठाकर पढ़ी, लिखा था, "पिछली रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से मैच रद्द कर दिया गया है..."

Tuesday, April 19, 2011

शरारती सार्थक, और स्काउटिंग की ट्रेनिंग...

स्काउटिंग की ट्रेनिंग के दौरान गाइड ने लेक्चर के बाद शरारती सार्थक से सवाल किया, "कल्पना करो, तुम्हारे स्कूल की तीन-मंज़िला इमारत में आग लगी है, और सीढ़ियां व बाहर आने के सभी रास्ते बंद हो चुके हैं... तीसरी मंज़िल के किसी कमरे में एक बच्चा फंस गया है... ऐसी स्थिति में तुम क्या करोगे...?"

सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "मैं कल्पना करना बंद कर दूंगा..."

Tuesday, April 12, 2011

Mischievous Saarthak should be in third grade...

The female teacher was having continuous trouble with Mischievous Saarthak, so, one fine day, she asked, "Saarthak, what is your problem, sonny...?"

Saarthak answered, "I'm too smart for the Kinder Garten... In my locality I play with some elder kids, and I'm really smarter than they are... So, I think I should be in the third-grade, at least...!"

The teacher had had enough, so, she took Saarthak to the principal's office, and made him wait outside the office, while she explained to the principal what the situation was...

The principal told the teacher that he would give Saarthak a test and if he failed to answer any of his questions, he was to go back to the Kinder Garten and behave...

The teacher readily agreed to this, Saarthak was brought in, the conditions were explained to him, and he agreed to take the test...

Principal started asking questions, "What is 3x3, Saarthak...?"

Saarthak replied, "9, sir..."

"What is 6x6...?"

"36, sir..."

And so it went with every question the principal thought a third-grader should know...

After 10-12 questions, the principal looks at the teacher and tells her, "I think Saarthak can go to the third-grade..."

The teacher still looked adamant, and said, "I have some of my own questions... Can I ask him...?"

Both the principal and Saarthak agreed...

Teacher asks, "What does a cow have four of that I have only two of...?"

Saarthak, after a moment, replied, "Legs, Ma'am..."

Teacher threw the next queston, "What is that you have in your pants but I do not...?"

Saarthak replied immediately, "Pockets, Ma'am..."

"What starts with a C and ends with a T, is hairy, oval-shaped, delicious and contains thin whitish liquid...?"

"Coconut, Ma'am..."

"What goes in hard and pink and then comes out soft and sticky...?"

The principal's eyes opened really wide and before he could stop the answer, Saarthak replied, "Bubblegum, Ma'am..."

"What does a man do standing up, a woman does sitting down and a dog does on three legs...?"

"Shake hands, Ma'am..."

"Now, I will ask some "Who am I" sort of questions, okay...?"

"Yes, Ma'am..."

"You stick your pole inside me... You tie me down to get me up... I get wet before you do..."

"Tent, Ma'am..."

"A finger goes in me... You fiddle with me when you're bored... The best man always has me first..."

The Principal was looking restless, a bit tensed, but Saarthak replied in a calm tone, "Wedding Ring, Ma'am..."

"I come in many sizes... When I'm not well, I drip... When you blow me, you feel good..."

"Nose, Ma'am..."

I have a stiff shaft... My tip penetrates... I come with a quiver..."

"Arrow, Ma'am..."

What word starts with an 'F' and ends in a 'K' that means a lot of heat and excitement...?"

"Firetruck, Ma'am..."

"What word starts with an 'F' and ends in a 'K' & if you don't get it, you have to use your hand..."

"Fork, Ma'am..."

"What is it that all men have one of... It's longer on some men than on others, the pope doesn't use his and a man gives it to his wife after they're married...?"

"Surname, Ma'am..."

"What part of the man has no bone but has muscles, has lots of veins, likes pumping, and is responsible for making love...?"

"Heart, Ma'am..."

The teacher stopped ultimately with a helpless look on her face...

The principal breathed a sigh of relief and said to the teacher, "Send Saarthak to Delhi University, I got the last ten questions wrong myself..."

Wednesday, April 06, 2011

शरारती सार्थक, और मैडम से मम्मी-पापा की बात...

कक्षा में शरारती सार्थक ने मैडम के पास जाकर मुस्कुराते हुए सवाल किया, "मैडम, मैं आपको कैसा लगता हूं...?"

मैडम ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "बहुत प्यारे हो तुम..."

सार्थक ने अगला सवाल दागा, "तो फिर मैं अपने मम्मी-पापा को आपके घर कब भेजूं...?"

मैडम ने सवालिया नज़रों से सार्थक की ओर ताकते हुए पूछा, "किसलिए भला...?"

सार्थक के चेहरे पर मुस्कान बनी रही, और वह बोला, "ताकि वे आपके साथ मेरी बात आगे बढ़ाएं..."

मैडम का चेहरा अचानक तमतमा गया, और वह गुस्से से बोली, "यह क्या बकवास है...?"

सार्थक ने कुटिल मुस्कान के साथ जवाब दिया, "ट्यूशन के लिए, मैडम, ट्यूशन के लिए... कसम से, मुझे लगता है, केबल टीवी के सीरियल देख-देखकर आप बहुत बिगड़ चुकी हो..."

Monday, March 28, 2011

शरारती सार्थक, और धरती की गति...

अध्यापक ने कक्षा में सवाल किया, "यदि धरती के अपनी धुरी पर घूमने की गति 30 गुणा बढ़ जाए तो क्या होगा...?"

शरारती सार्थक ने हमेशा की तरह तपाक से जवाब दिया, "पुरुषों को हर रोज़ वेतन मिलेगा, और महिलाओं की ज़्यादा खून बहने से मौत हो जाएगी..."
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