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Friday, October 07, 2011

डॉक्टर साहिबा पहुंचीं गोल्फ कोर्स...

एक जवान खूबसूरत डॉक्टर साहिबा को गोल्फ खेलने का चस्का लगा, सो, पहुंच गईं नज़दीकी गोल्फ कोर्स में, और गेंद को पूरी ताकत से मारा...

दुर्भाग्य से गेंद ऊंची जाने के स्थान पर अगले होल पर खेल रहे सज्जन से जाकर टकराई, और वह सज्जन तुरंत ही अपने दोनों हाथ अपने पैरों के जोड़ में घुसाकर लम्बे लेट गए...

डॉक्टर साहिबा घबराई हुई-सी सज्जन के करीब पहुंचीं, नीचे बैठीं, बहुत धीरे से उनके हाथ अलग किए, उनकी पतलून की ज़िप खोलकर अपना हाथ अन्दर डाला, और धीमे-धीमे सहलाते हुए मालिश करने लगीं...

लगभग 10 मिनट बाद डॉक्टर साहिबा ने सज्जन से पूछा, "अब आप कैसा महसूस कर रहे हैं...?"

सज्जन ने जवाब दिया, "बहुत ही अच्छा महसूस हो रहा है, लेकिन मुझे अब भी यही लग रहा है कि चोट मेरे अंगूठे में लगी है..."

Monday, September 26, 2011

इन्सान, भगवान, डॉक्टर, और नाराज़गी...

इन्सान को कभी भी डॉक्टर और भगवान को नाराज़ नहीं करना चाहिए...

क्योंकि अगर भगवान नाराज़ हो गए, तो इन्सान डॉक्टर के पास पहुंच जाता है...

...और अगर डॉक्टर नाराज़ हो गए, तो इन्सान भगवान के पास पहुंच जाता है...

Tuesday, September 13, 2011

संता सिंह नहीं बन पाया डॉक्टर...

संता सिंह और बंता सिंह स्कूल में एक साथ पढ़ते थे, लेकिन बाद में अलग-अलग शहरों में बस जाने के कारण कई साल बाद मिले...

बंता ने पूछा, "आजकल क्या चल रहा है, दोस्त...?"

संता ने जवाब दिया, "बस, कट रही है..."

बंता ने फिर पूछा, "आवाज़ से बहुत उदास लग रहा है, भाई... तेरा डॉक्टर बनने का सपना पूरा हुआ या नहीं...?"

संता ने मायूस स्वर में जवाब दिया, "नहीं यार, सिर्फ एक सवाल के चक्कर में फेल हो गया..."

बंता ने हैरानी जताते हुए पूछा, "अरे, क्या सवाल था...?"

संता ने कहा, "अगर एक लड़की बेहोश हो जाए, तो सबसे पहले क्या चेक करना चाहिए...?"

बंता ने कहा, "फिर...?"

संता ने बताया, "जिन लड़कों ने 'नब्ज़' लिखा था, वे सभी आज डॉक्टर हैं..."

Friday, September 09, 2011

बॉलीवुड गीत, बीमारियां, और डॉक्टरी सलाह...

  • जिया जले, जान जले, रातभर धुआं चले... (बुखार है, भाई, पैरासिटामोल खा ले...)
  • तड़प-तड़प के इस दिल से आह निकलती रही... (दिल का दौरा पड़ रहा है, तुरंत अस्पताल जा...)
  • जुदा होके भी तू मुझमें कहीं बाकी है... (अबे, कब्ज़ के मरीज़, ईसबगोल ले गर्म दूध के साथ...)
  • बीड़ी जलाइले, जिगर से पिया, जिगर मा बड़ी आग है... (भाई मेरे, एसिडिटी हुई है तुझे, ईनो पी ले, या डायजीन ले...)
  • तुझमें रब दिखता है, यारा मैं क्या करूं... (मोतियाबिन्द उतर आया है... ऑपरेशन करवा ले...)
  • तुझे याद न मेरी आए, किसी से अब क्या कहना... (अल्ज़ाइमर्स हुआ है, सलीके के डॉक्टर को तुरंत दिखा...)
  • मन डोले, मेरा तन डोले... (वर्टिगो की शिकायत है तुझे, ग्राउंड फ्लोर का मकान ले ले...)

Wednesday, August 10, 2011

ऑपरेशन के बाद उदास हैं डॉक्टर साहब...

नर्स ने डॉक्टर को बेहद उदास बैठे देखा तो पूछ बैठी, "सर, आज आप इतने उदास क्यों हैं...?"

डॉक्टर ने मायूस स्वर में कहा, "क्या बताऊं सिस्टर, आज दोपहर जिसका ऑपरेशन किया था, वह मर गया..."

नर्स ने तुरंत उत्साह-भरे स्वर में कहा, "अरे, परेशान मत होइए, सर... दोपहर में आपने पोस्टमार्टम किया था, ऑपरेशन नहीं..."

डॉक्टर ने पहले से भी ज़्यादा भर्राए स्वर में कहा, "तो फिर सुबह मैंने पोस्टमार्टम किसका किया था...?"

Friday, July 01, 2011

ऑपरेशन करवाने अस्पताल गए संता सिंह...

ऑपरेशन के लिए ले जाए जाते वक्त संता सिंह ने अपनी घबराती हुई पत्नी से कहा, "अगर ऑपरेशन के दौरान मुझे कुछ हो जाए, तो तुम इस डॉक्टर से ही शादी कर लेना..."

पत्नी ने रोते हुए कहा, "आप ऐसी बातें मत करिए, जी... कुछ हो आपके दुश्मनों को..."

संता ने फिर कहा, "भागवान, मेरी बात ज़रूरी है... वादा करो, मुझे कुछ हो गया, तो तुम इसी डॉक्टर से शादी कर लोगी..."

पत्नी ने सिर हिलाया, और बोली, "लेकिन आप ऐसा क्यों कह रहे हैं...?"

अब संता ने गहरी सांस लेकर जवाब दिया, "उससे बदला लेने का इससे बेहतर तरीका मुझे सूझ ही नहीं रहा है..."

Friday, June 24, 2011

संता सिंह, नीली टांग, और डॉक्टर...

संता सिंह डॉक्टर के पास पहुंचे और अपनी परेशानी बताई, "डॉक्टर साहब, मेरी टांग नीली पड़ गई है..."

डॉक्टर साहब ने पूरी जांच करने के बाद कहा, "किसी तरह का ज़हर फैल गया है, टांग काटनी पड़ेगी..."

खैर, संता ने दिल कड़ा करके ऑपरेशन के लिए हामी भर दी, और कुछ ही दिन में उसकी टांग काटकर नकली टांग लगा दी गई...

लेकिन दो ही दिन बाद नकली टांग भी नीली पड़ गई, और संता सिंह भागे-भागे फिर अस्पताल पहुंचे...

डॉक्टर ने फिर मुआयना किया, और बेहद गंभीर स्वर में बोले, "अब तुम्हारी बीमारी मेरी समझ में आ गई है... तुम्हारी जीन्स रंग छोड़ती है..."

Thursday, May 26, 2011

संता सिंह की नसबंदी...

संता सिंह की पत्नी घबराए हुए स्वर में डॉक्टर से बोलीं, "डॉक्टर साहब, मेरे पति की तुरंत नसबंदी कर दीजिए, प्लीज़..."
डॉक्टर ने कहा, "आप घबरा क्यों रही हैं... कर देंगे..."
संता की पत्नी का जवाब आया, "घबराऊं नहीं तो क्या करूं, मेरा पांचवां महीना चल रहा है, मेरी बहन का चौथा, कामवाली का तीसरा, भैंस का दूसरा, और आज सुबह हमारी कुतिया ने भी उल्टी की है..."

Tuesday, May 03, 2011

फिर फूटा संता सिंह का सिर...

संता सिंह बुरी तरह फूटे हुए सिर के साथ डॉक्टर के पास पहुंचा, और डॉक्टर ने भी ड्रेसिंग करने में देर न की...

बाद में उसने फीस देते संता से सवाल किया, "यह चोट कैसे लगी, भाईसाहब...?"

संता ने ठंडी सांस लेते हुए जवाब दिया, "क्या बताऊं, डॉक्टर साहब... हुआ यूं कि पिछले हफ्ते मेरी बीवी मायके चली गई थी... मुझे हवा बदलने का आयडिया आया, और मैं भी होटल में जाकर टिक गया... वहां रात को 12 बजे मेरे कमरे की घंटी बजी, मैंने दरवाज़ा खोला तो नाइटी में लिपटी एक बेहद खूबसूरत लड़की ने रात को परेशान करने के लिए माफी मांगते हुए बताया कि उसे सर्दी लग रही है, और मदद चाहिए... मैंने तुरंत अपने कमरे का कंबल उठाकर उसे दे दिया... लगभग एक घंटे बाद घंटी फिर बजी, दरवाज़ा खोला, और वही लड़की फिर सामने थी... इस बार भी उसे वही शिकायत थी, सो, मैंने अपना ओवरकोट भी उसे दे दिया... वह चली गई, और फिर लौटकर नहीं आई... फिर आज अपने घर पर दीवार में कील ठोकते हुए अचानक मुझे समझ में आया कि उस दिन वह लड़की क्या चाह रही थी, बस, मैंने हथौड़ी अपने सिर पर दे मारी..."

Thursday, March 17, 2011

संता सिंह, पीठदर्द, डॉक्टर, और फीस...

संता सिंह कई दिन तक पीठदर्द से परेशान रहने के बाद एक नामी विशेषज्ञ के क्लीनिक पर पहुंचे तो दीवार पर लगी फीस की जानकारी से दर्द बढ़ता महसूस किया...

वहां लिखा था : मरीज की जांच और सलाह - 1000 रुपये..., पुराने रोग के लिए दूसरी बार आने पर - 500 रुपये...

संता को अचानक पैसे बचाने की तरकीब सूझी, और डॉक्टर के पास जाकर बोले, "डॉक्टर साहब, मैं आपके पास चार दिन पहले भी आया था, लेकिन मेरी पीठ का दर्द कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है..."

डॉक्टर साहब ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "इसमें घबराने की कोई बात नहीं है, साहब... बस, वह दवा की खुराक दोगुनी कर दें, जो मैंने आपको पिछली बार लिखकर दी थी..."

Wednesday, March 16, 2011

सप्ताह में एक दिन संभोग से छुट्टी...

एक महिला ने डॉक्टर के पास जाकर परेशानी बताई, "डॉक्टर साहब, मुझे थकान बहुत रहती है, कोई उपाय बताइए..."

डॉक्टर ने शरीर की जांच करने के बाद सवाल किया, "आप संभोग कितनी बार करती हैं...?"

महिला ने जवाब दिया, "रोज़ाना कम से कम दो बार..."

डॉक्टर ने सलाह दी, "कुछ कम कीजिए... क्या आप सप्ताह में एक दिन इतवार को उस काम की छुट्टी कर सकती हैं..."

महिला ने चहकते हुए कहा, "हाय राम... इतवार को ही तो मेरे पति घर पर होते हैं... उन्हें कैसे मना कर सकती हूं..."

Wednesday, March 02, 2011

बच्चे का छोटा जननांग, और डॉक्टर की सलाह...

अपने पांच साल के बेटे को नहलाते हुए महिला ने ध्यान दिया कि उसका जननांग बहुत छोटा है, सो, उसने झट से अपने पति को बताया और दोनों उसे तुरंत ही डॉक्टर के पास ले गए...

डॉक्टर ने उनकी परेशानी सुनकर बच्चे का मुआयना किया और कहा, "आप परेशान न हों... ऐसा कभी-कभी हो जाता है... उसका बेहद आसान इलाज है... इस बच्चे को ढेर सारे टमाटर के साथ ब्रेड टोस्ट बनाकर खिलाइए..."

पति-पत्नी बच्चे को लेकर घर आ गए, और अगली सुबह पत्नी ने जल्दी उठकर ढेर सारे टमाटर-टोस्ट तैयार कर लिए...

जब बच्चा नाश्ता करने के लिए पहुंचा, तब वह बोली, "बेटा, डॉक्टर साहब ने तुम्हें ढेर सारे टोस्ट खाने के लिए कहा है, इसलिए जल्दी से दो टोस्ट तुम ले लो, बाकी तुम्हारे पापा के लिए हैं..."

संता सिंह का सपना, और डॉक्टर से मदद...

संता सिंह डॉक्टर के पास पहुंचे और सकुचाते हुए समस्या बताने लगे, "डॉक्टर साहब, आपको मेरी मदद करनी ही होगी... मैं पिछले एक महीने से रोज़ रात को एक ही सपना देखता हूं... मैं बिस्तर पर लेटा हुआ हूं, और अचानक पांच बेहद खूबसूरत लड़कियां कपड़ों के बिना मेरे पास आती हैं, और मुझे चूमते हुए मेरे कपड़े उतारने लगती हैं..."

डॉक्टर ने गंभीरता से पूछा, "फिर तुम क्या करते हो...?"

संता ने कहा, "मैं उन्हें खुद से दूर धकेल देता हूं, और वे पांचों चली जाती हैं..."

डॉक्टर ने फिर सवाल किया, "फिर तुम मुझसे क्या चाहते हो...?"

संता ने हाथ जोड़कर कातर स्वर में कहा, "डॉक्टर साहब, मेरे हाथ तोड़ दीजिए..."

Tuesday, February 15, 2011

Mischievous Saarthak in the medical store...

Mischievous Saarthak walks into a medical store and asks the pharmacist, "Hello sir, do you have any Acetylsalicylic Acid...?"

The pharmacist looks puzzled for a while, and ultimately he calls up his father and tells him about what Saarthak had asked for...

The father replied, and the pharmacist, looking at Saarthak questioningly, asked, "Do you mean aspirin...?"

Saarthak smiles, and replies, "That's it... I can never remember that word..."

Monday, October 25, 2010

महिला, डॉक्टर, प्रसव और अनूठा बच्चा...

एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, और डॉक्टर अपने काम में जुट गया...

डॉक्टर ने दर्द से लगातार कराहती महिला से बच्चे को बाहर धकेलने की कोशिश करने के लिए कहा, और बच्चे का सिर बाहर आ गया...

डॉक्टर ने हैरानी से बच्चे के चेहरे को गौर से देखा, और बोला, "इसकी आंखें तो बेहद छोटी-छोटी और तिरछी हैं..."

महिला ने शर्माते हुए जवाब दिया, "मेरे पति के मुताबिक चीनी लोग बेहद शानदार तरीके से प्यार करते हैं, इसलिए मैंने उन्हें एक मौका दिया..."

खैर, कुछ ही पलों के बाद बच्चे का धड़ भी बाहर आया, तो डॉक्टर ज़्यादा हुआ, और तुरंत बोला, "तुम्हारे बच्चे का शरीर फिरंगियों जैसा गोरा है..."

महिला ने फिर शर्माते हुए कहा, "मेरे पति के मुताबिक अंग्रेज़ बेहद शानदार तरीके से प्यार करते हैं, इसलिए मैंने उन्हें एक मौका दिया..."

कुछ ही क्षण में बच्चे के पैर भी बाहर आ गए, तो हैरानी से डॉक्टर की आंखें फट गईं, और वह बोला, "तुम्हारे बच्चे के पैर बिल्कुल काले हैं, नीग्रो जैसे..."

महिला के चेहरे पर एक बार फिर शर्माने के भाव आए, और वह बोला, "मेरे पति के मुताबिक नीग्रो बेहद शानदार तरीके से प्यार करते हैं, इसलिए मैंने उन्हें एक मौका दिया..."

आखिरकार, बच्चा पूरा बाहर आया, डॉक्टर ने उसे उठाया, तुरंत उसकी नाल (umbilical cord) को बांधा और उसके कूल्हे पर हल्की-हल्की चपत लगाई, और बच्चे ने रोना शुरू कर दिया...

अब डॉक्टर ने महिला की तरफ मुंह किया, और बोला, "मैडम, बधाई हो, लेकिन मैं हैरान हूं, आप ऐसे बच्चे को कैसे पाल पाएंगी, जिसकी आंखें चीनियों जैसी हैं, धड़ अंग्रेज़ों जैसा गोरा, और पैर नीग्रो जैसे काले...?"

महिला ने इस बार ठंडी सांस लेकर कहा, "परमात्मा का लाख-लाख शुक्र है, यह भौंका नहीं..."

Tuesday, August 03, 2010

संता सिंह के सिर पर लगी चोट...

संता सिंह भागते-भागते डॉक्टर साहब के क्लीनिक में घुसे...

संता के सिर से खून बह रहा था, और उसके सारे कपड़े खून से सने हुए थे...

डॉक्टर ने देखते ही पूछा, "क्या हुआ, कैसे लगी...?"

संता ने बताया, "डॉक्टर साहब, मैं अपनी हवाई चप्पल से दीवार में कील ठोक रहा था..."

डॉक्टर ने हैरान होकर पूछा, "उससे सिर की चोट का क्या लेना-देना...?"

संता ने तपाक से कहा, "उसी वक्त मेरे पड़ोसी ने कहा, कभी-कभी दिमाग का इस्तेमाल भी कर लिया करो..."

Thursday, July 22, 2010

संता सिंह, 12 बच्चे, और नसबंदी की सलाह...

संता सिंह की पत्नी ने पिछले माह ही अपने 12वें बच्चे को जन्म दिया था, और अब उन्होंने तय किया कि यह उनका आखिरी बच्चा होगा...

आपस में सलाह-मशविरा करने के बाद अंततः संता एक प्रसिद्ध डॉक्टर के पास गया और उसे अपनी आवश्यकता बताई...

डॉक्टर ने सारी बात सुनने के बाद कहा, "आपकी इच्छा नसबंदी नामक छोटे-से ऑपरेशन से पूरी हो सकती है, लेकिन मेरे पास आपके लिए उससे भी आसान तरीका है..."

संता उत्सुक हो उठा, और उसने पूछा, "वह क्या, डॉक्टर साहब...?"

डॉक्टर ने कहा, "आप घर जाकर एक बड़ा-सा सुतली बम (दिवाली का पटाखा) लें, उसे कोका कोला या पेप्सी के कैन में डालें, सुतली बम को जलाएं, और कैन को कान के पास रखकर 10 तक गिनती बोलें..."

संता ने सारी बात ध्यान से सुनी, और फिर झिझकते हुए डॉक्टर से कहा, "मैं मानता हूं, डॉक्टर साहब, कि मैं बहुत ज़्यादा समझदार नहीं हूं, लेकिन सुतली बम को कोक कैन में डालकर कान के पास रखने से मेरी समस्या का इलाज कैसे मुमकिन है..."

डॉक्टर ने इसके बाद भी जब यही इलाज बताया तो संता सेकंड ओपिनियन लेने के इरादे से एक अन्य डॉक्टर के पास गया...

लेकिन आश्चर्यजनक रूप से दूसरे डॉक्टर ने भी उसे बिल्कुल वही सुतली बम वाली सलाह दी, जो पहले डॉक्टर ने दी थी...

अब संता ने घर आकर अपनी पत्नी से अपना अनुभव सुनाया, और इस नतीजे पर पहुंचे, कि दोनों डॉक्टर एक जैसा इलाज बता रहे हैं, सो, गलत नहीं हो सकते...

सो, संता बाज़ार से सारा ज़रूरी सामान लाए, कोक कैन लेकर सुतली बम उसमें रखा, जलाया, एक हाथ में कैन को उठाकर अपने कान के करीब रखा, दूसरे हाथ की अंगुलियों पर गिनती करने लगा, 1... 2... 3... 4... 5..., और फिर दूसरे हाथ की अंगुलियों पर गिनने के लिए कैन को अपनी दोनों टांगों के बीच दबाया, और…

Tuesday, March 30, 2010

वृद्ध महिला और जूनियर डॉक्टर...

एक बेहद वृद्ध महिला अस्पताल पहुंचीं, जहां एक युवा डॉक्टर उन्हें केबिन में ले गया...

कुछ ही पल बाद वृद्धा ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाती हुई केबिन से बाहर भागीं, जहां एक सीनियर डॉक्टर ने उन्हें रोककर वजह पूछी...

सारी बात जान लेने के बाद सीनियर डॉक्टर युवा डॉक्टर के केबिन में गया, और उसे डांटते हुए बोला, "तुम्हारा दिमाग ठीक है या नहीं...? 75 साल की महिला को तुमने कह दिया कि वह मां बनने वाली है..."

जूनियर डॉक्टर ने तपाक से जवाब दिया, "माफी चाहता हूं, सर... लेकिन उनकी हिचकी रोकने का दूसरा कोई तरीका नहीं था..."

Thursday, March 04, 2010

बिना डॉक्टर के बच्चा पैदा करने का तरीका...

एक गर्भवती महिला डॉक्टर के पास गई, सारे चेक-अप करा लिए, सभी रिपोर्ट सामान्य रहीं, लेकिन उसके चेहरे पर से चिंता की लकीरें नहीं गईं...

डॉक्टर ने सहानुभूति जताते हुए सवाल किया, "क्या हुआ, मैडम... सब कुछ ठीक है, आप परेशान क्यों हो...?"

वह बोलीं, "डॉक्टर साहब, अब तो नौ महीने पूरे हुए ही समझिए... बच्चा कभी भी हो सकता है, और मेरा घर यहां से लगभग 30 किलोमीटर दूर है... यदि अचानक ही दर्द शुरू हुए तो मैं कैसे आ पाऊंगी...?"

डॉक्टर ने हंसते हुए कहा, "इसमें चिंता करने वाली कोई बात नहीं, मैडम... दुनिया भर में सदियों से औरतें बिना डॉक्टर के ही बच्चे पैदा करती आई हैं... बिल्कुल प्राकृतिक तरीका है... सबसे पहले आप उसी स्थिति में लेट जाना, जिस तरह लेटकर आप गर्भवती हुई थीं..."

महिला ने तपाक से पूछा, "कैसे डॉक्टर साहब... एक पैर मेज़ पर और दूसरा हवा में खिड़की पर...?"

Monday, January 04, 2010

डॉक्टर मिसेज़ स्मिथ की मौत...

डॉक्टर मिसेज़ स्मिथ दिल की डॉक्टर (cardiac specialist) थीं, जिनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हो गई...

उनके बच्चों ने उनके अंतिम संस्कार को यादगार बनाने के लिए बहुत-सी तैयारियां कीं...

डॉक्टर मिसेज़ स्मिथ के ताबूत के ठीक पीछे एक बहुत बड़ा-सा दिल बना रखा था, और चारों तरफ रंगबिरंगे फूल ही फूल बिखरे थे...

अंततः पादरी द्वारा सारी प्रार्थनाएं कह लेने, और कब्रिस्तान में मौजूद सभी लोगों द्वारा दिवंगत आत्मा के अंतिम दर्शन कर लेने के बाद अचानक ताबूत के पीछे रखा दिल बीचोंबीच से खुल गया, और एक स्लाइड पर फिसलता हुआ ताबूत उस दिल में ही समा गया...

सब लोग इसे देखकर चकित रह गए, और मन ही मन सबने डॉक्टर मिसेज़ स्मिथ के बच्चों की कल्पनाशक्ति की तारीफ की, लेकिन डॉक्टर स्मिथ के पति ने ज़ोर-ज़ोर से हंसना शुरू कर दिया...

सभी लोग हैरानी से उन्हें देखने लगे, और आखिरकार कुछ पल बाद पादरी ने ही उनसे पूछा, "क्या हुआ, मिस्टर स्मिथ... आप इस तरह क्यों हंस रहे हैं..."

मिस्टर स्मिथ ने हंसते हुए ही जवाब दिया, "मैं स्त्री रोग विशेषज्ञ (gynaecologist) हूं..."
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कौन हूं मैं...

मेरी पहेलियां...

मेरी पसंदीदा कविताएं, भजन और प्रार्थनाएं (कुछ पुरानी यादें)...

मेरे आलेख (मेरी बात तेरी बात)...