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Wednesday, December 11, 2013

संता सिंह की पत्नी, और नींद में गालियां...

संता सिंह की पत्नी ने सुबह उठकर पति से शिकायत की, "अजी, आप कल रात नींद में मुझे गंदी-गंदी गालियां क्यों दे रहे थे...?"

संता ने जवाब दिया, "अरे नहीं, नहीं... तुम्हें गलतफहमी हुई है..."

पत्नी ने झट-से कहा, "बिल्कुल नहीं... कोई गलतफहमी नहीं हुई... मैंने अपने कानों से सुना था... आप मेरा नाम ले-लेकर गालियां दे रहे थे..."

संता ने तपाक से कहा, "अरे नहीं... गलतफहमी यह हुई है कि मैं नींद में था..."

Friday, December 06, 2013

सेक्स के वक्त लाइट क्यों बुझाती हैं बीवियां...?

संता सिंह ने अपने दोस्त बंता सिंह से पूछा, "यार, एक बात बता... ये बीवियां रात को सेक्स करते समय हमेशा लाइट बंद क्यों करवा देती हैं...?"

बंता सिंह ने दार्शनिक लहजे में कहा, "बहुत सीधी-सी बात है, यार... ये पत्नियां अपने पति को खुश तो देख ही नहीं सकतीं..."

Wednesday, July 03, 2013

संता सिंह, और नदी किनारे घूमता शरारती सार्थक...

नदी किनारे घूमते हुए संता सिंह ने शरारती सार्थक को देखा, जो सभी को अपनी शरारतों से परेशान कर रहा था...

सबक सिखाने के लिए संता ने सार्थक को रोककर सवाल किया, "तुम्हें तैरना आता है, बेटे...?"

सार्थक ने जवाब दिया, "नहीं अंकल, मुझे तैरना नहीं आता..."

संता सिंह ने हंसते हुए कहा, "हर कुत्ते तक को तैरना आता है, इसलिए तुम तो कुत्ते से भी गए-गुज़रे हो..."

सार्थक के चेहरे पर शिकन तक नहीं आई, और पलटकर सवाल दागा, "अंकल, क्या आपको तैरना आता है...?"

संता ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "हां, बिल्कुल आता है..."

अब सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "तब तो आपमें और कुत्ते में कोई फर्क ही नहीं है..."

Monday, May 06, 2013

संता सिंह, और बीवी का ऑफिस...

संता सिंह को पत्नी के साथ ज़रूरी काम से कहीं जाना था, सो, बीवी को लेने के लिए उसके ऑफिस चला गया...

वहां जाकर देखा, बीवी अपने बॉस की गोद में बैठी थी...

बस, फिर क्या था, गुस्से से चीखकर बोला, "चल जीतो... चल, घर चल... ऐसी जगह कतई काम नहीं करना, जहां स्टाफ के लिए कुर्सी तक भी न हो..."

Friday, April 06, 2012

पाकिस्तानी फौजी और हिन्दुस्तानी मेजर संता सिंह...

पाकिस्तान के तीन शीर्ष फौजी अधिकारी हिन्दुस्तान के दौरे पर आए, तो भारतीय सेनाप्रमुख ने उनके सम्मान में एक रात्रिभोज का आयोजन किया, और मेजर संता सिंह को उनकी मेजबानी की जिम्मेदारी सौंपी...

शराब के कई दौर चलने के बाद सभी ने भोजन किया, और उसके बाद अपने-अपने तजुर्बे सुनाने शुरू कर दिए...

कुछ ही देर में तजुर्बों का रुख शादी और सुहागरात तक पहुंच गया, और सबसे पहले पाकिस्तानी जनरल साहब ने कहा, "मैंने अपनी सुहागरात पर अपनी बीवी के साथ छह बार संभोग किया था..."

उनके साथ आए एक ब्रिगेडियर ने चेहरे पर प्रशंसा के भाव लाते हुए मुसाहिबी के अंदाज़ में तपाक से कहा, "वाह जनाब, वाह... वैसे मैंने भी चार बार किया था..."

इसके बाद उन्होंने अपने साथ आए एक कर्नल से अपना अनुभव बताने के लिए कहा, तो वह बोला, "जनाब, मैंने सुहागरात पर अपनी बीवी के साथ दो बार संभोग किया था..."

जनरल और ब्रिगेडियर के चेहरे पर उपहास के भाव आए, और संता की तरफ मुड़कर बोले, "आप भी बताइए, जनाब... हिन्दुस्तानियों का स्टैमिना तो पता चले..."

संता ने झिझकते हुए कहा, "माफ कीजिएगा, जनाब, मैं तो सिर्फ एक ही बार कर पाया था..."

तीनों पाकिस्तानी फौजी अधिकारी ज़ोर से हंसे, और मज़ाक उड़ाते हुए बोले, "क्यों भाई, ऐसा क्यों...?"

संता ने मुस्कुराते हुए कहा, "दरअसल, मेरी बीवी को इस सबकी आदत कतई नहीं थी..."

Tuesday, April 03, 2012

कुत्ते ने चलाई साइकिल, बिल्ली ने चलाई कार...

पालतू पशुओं को प्रशिक्षण देने के विषय पर आयोजित किसी सेमिनार के दौरान एक अमेरिकी, एक जापानी, एक चीनी और हमारे संता सिंह की मुलाकात हुई, और चारों लगे अपने-अपने देश की तारीफ करने...

अमेरिकी ने कहा, "आप सभी लोग पशु-प्रशिक्षण हमसे सीख सकते हैं, क्योंकि हमारे प्रशिक्षण के बाद बंदर भी इंसान की तरह दो पैरों पर चलता है..."

जापानी ने तुरन्त कहा, "भाई लोगों, प्रशिक्षण देना हमसे सीखिए... हमारे प्रशिक्षण के बाद कुत्ते साइकिल चलाते हैं..."

अब चीनी ने सभी को टोकते हुए कहा, "सिखाने का काम आप लोग हम पर ही छोड़ दें तो बेहतर रहेगा, क्योंकि हमारे प्रशिक्षण के बाद बिल्लियां कार चलाती हैं..."

आखिरकार तीनों ने संता की ओर देखा, जिसने मुस्कुराते हुए कहा, "आप सब लोगों का काम बढ़िया है, लेकिन क्या आप जानते हैं, हमारे यहां के गधे तो प्रशिक्षण के बिना ही सरकार तक चलाते हैं..."

Friday, February 24, 2012

संता का तोता, और बंता से गाली-गलौज...

संता सिंह ने तोता पाला हुआ था, जिसका पिंजरा वह रोज़ाना घर के दरवाज़े पर रख दिया करता था...

तोता सड़क से गुज़रने वाले हर व्यक्ति को नमस्कार करता था, लेकिन बंता के सामने पड़ते ही गालियां देना शुरू कर दिया करता था, "लो आ गया कमीना... बेहद घटिया आदमी आया है, सभी दूर हो जाओ..."

बंता को हमेशा गुस्सा आता था, और वह तोते को घूरकर डांटते हुए चला जाता था, "बदतमीज़, चुप कर..."

तोता बाज़ नहीं आया, और उसकी हरकत कभी नहीं रुकी...

आखिरकार एक दिन परेशान होकर बंता ने संता से तोते की शिकायत की, और संता ने तोते को बहुत फटकारा, और धमकाया, "अगर तूने आइंदा कभी भी गाली-गलौज की, तो तुझे उठाकर घर से बाहर फेंक दूंगा..."

अगले दिन बंता बहुत शान से संता के घर के सामने से तोते को घूरते हुए गुज़रा, और उसकी खुशी का ठिकाना न रहा, जब तोता कुछ न बोला...

बंता ने घर पार होते ही तोते की ओर पलटकर देखा...

तोता तुरन्त हंसा, और ज़ोर से बोला, "समझ तो तू गया ही होगा..."

Wednesday, February 01, 2012

संता सिंह की हुई जोरदार पिटाई...

बुरी तरह हुई पिटाई के बाद संता सिंह अस्पताल में भर्ती थे, और उनके सिर पर पट्टियां, हाथ-पैरों में प्लास्टर बंधे थे...

उनका मित्र बंता सिंह उन्हें देखने पहुंचा, और पूछा, "तुझे इतनी मार कैसे पड़ी, यार...?"

संता ने रुंआसे स्वर में जवाब दिया, "कुछ मत पूछ, यार... कल रात एक शादी में गया था, वहां नाच-गाने के दौरान मैं 'बोलियां' दे रहा था, एक 'बोली' गड़बड़ हो गई..."

बंता ने फिर पूछा, "ऐसी क्या बोली दे दी थी तूने...?"

संता ने कहा, "बारी बरसी खटन गया सी, खट के ले आंदा तार... भंगड़ा तां सजदा, जे नचे कुड़ी दा यार..."

बंता ने तपाक से कहा, "फिर तो मार पड़नी ही थी..."

अब संता के चेहरे पर मुस्कान आई, और बोला, "मुझे तो सिर्फ मार ही पड़ी है, दोस्त, लेकिन जो नाचा था, उसकी परसों उठावनी है..."

Thursday, December 01, 2011

संता सिंह, और नदी पर बना पुल...

नदी के ऊपर बनाए गए पुल का उद्घाटन करने के लिए आए नेताजी ने किनारे पर बसे गांव के रहने वालों से कहा, "खुश हैं न आप लोग... अब तो अच्छा हो गया...?"

संता सिंह ने तपाक से जवाब दिया, "हां जी, जनाब... पहले धूप में तैरकर नदी पार करनी पड़ती थी, अब छांव रहा करेगी..."

Friday, November 18, 2011

संता सिंह, और खटारा कार की नीलामी...

संता सिंह घूमते-घूमते अचानक एक नीलामघर के सामने से गुज़रे, जहां एक बेहद पुरानी, टूटी-फूटी खटारा कार की बोली लग रही थी...

संता को रुकना ही पड़ा, जब उन्हें बोलियों की रकम सुनाई दी, "एक लाख... तीन लाख... पांच लाख... सात लाख..."

संता ने हथौड़ी हाथ में थामे बोली लगवा रहे युवक से बेहद हैरान होकर सवाल किया, "भाई, यह कार तो चलने लायक भी नहीं लगती, फिर इसमें क्या खासियत है, जो लोग-लोग बढ़-बढ़कर बोली लगा रहे हैं..."

युवक ने मुस्कुराकर जवाब दिया, "यह एक खास कार है... इस कार की 17 बार हाईवे पर ट्रकों से टक्कर हुई, लेकिन हर बार सिर्फ पत्नी की ही मौत हुई..."

संता ने तुरंत कहा, "10 लाख..."

Thursday, November 17, 2011

संता की बीवी और किंग कोबरा...

संता सिंह का मित्र बंता उसके घर पहुंचा तो भौंचक्का रह गया, क्योंकि एक बेहद लम्बा किंग कोबरा सांप संता की पत्नी के पांव में दांत गड़ाए दिखाई दिया, और संता बिल्कुल आराम से बैठा था...

बंता ने लगभग चीखते हुए कहा, "अबे, क्या कर रहा है... देखता नहीं, भाभी को सांप काट रहा है..."

संता ने शांत स्वर में उत्तर दिया, "घबरा मत, दोस्त... यह कोबरा काट नहीं रहा है... उसका ज़हर खत्म हो गया होगा, सो, रीचार्ज करवाने आया है..."

Thursday, October 27, 2011

संता फंसा अजीब-सी मुसीबत में...

संता सिंह की रुंआसी सूरत देखकर उसके मित्र बंता सिंह ने सवाल किया, "क्या हुआ, दोस्त... इस तरह मुंह लटकाए क्यों बैठे हो...?"

संता ने कहा, "यार, बहुत अजीब-सी मुसीबत में फंस गया हूं..."

बंता के चेहरे पर उलझन के भाव आए, बोला, "कैसी मुसीबत...?"

संता ने जवाब दिया, "यार, बीवी मेकअप करे, तो खर्च बर्दाश्त नहीं होता... और मेकअप न करे, तो बीवी बर्दाश्त नहीं होती..."

Monday, October 24, 2011

पुलिस का हवलदार संता, और रेड लाइट जम्प करने वाली लड़की...

रेड लाइट पर कार भगा ले जाने वाली एक लड़की का पीछा करने के बाद उसे रोककर ट्रैफिक पुलिस के हवलदार संता सिंह ने चालान बुक निकालकर बहुत गुस्से में कहा, "नाम बोल अपना..."

लड़की ने तपाक से कहा, "अल्लुरि कात्यायनी वायिलपरम्बु मनोहरन..."

संता ने चालान बुक बंद करते हुए कहा, "बिटिया, रेड लाइट जम्प करना अच्छी बात नहीं होती, आगे से हमेशा कार रोकना... अब जाओ..."

Monday, October 03, 2011

संता सिंह, और खूबसूरत समझदार बीवी...

संता सिंह की पत्नी ने इतराते हुए सवाल किया, "सुनिए, आपको मुझमें सबसे अच्छा क्या लगता है - मेरा खूबसूरत चेहरा, या मेरी समझदारी...?"

संता ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मुझे तो तेरी यह मज़ाक करने की आदत सबसे ज़्यादा पसंद है..."

Tuesday, September 13, 2011

संता सिंह नहीं बन पाया डॉक्टर...

संता सिंह और बंता सिंह स्कूल में एक साथ पढ़ते थे, लेकिन बाद में अलग-अलग शहरों में बस जाने के कारण कई साल बाद मिले...

बंता ने पूछा, "आजकल क्या चल रहा है, दोस्त...?"

संता ने जवाब दिया, "बस, कट रही है..."

बंता ने फिर पूछा, "आवाज़ से बहुत उदास लग रहा है, भाई... तेरा डॉक्टर बनने का सपना पूरा हुआ या नहीं...?"

संता ने मायूस स्वर में जवाब दिया, "नहीं यार, सिर्फ एक सवाल के चक्कर में फेल हो गया..."

बंता ने हैरानी जताते हुए पूछा, "अरे, क्या सवाल था...?"

संता ने कहा, "अगर एक लड़की बेहोश हो जाए, तो सबसे पहले क्या चेक करना चाहिए...?"

बंता ने कहा, "फिर...?"

संता ने बताया, "जिन लड़कों ने 'नब्ज़' लिखा था, वे सभी आज डॉक्टर हैं..."

संता सिंह, और दुर्लभ प्रजाति की मादा गोरिल्ला...

एक चिड़ियाघर में बेहद दुर्लभ प्रजाति की मादा गोरिल्ला रहती थी...

अचानक एक दिन उस मादा गोरिल्ला ने हंगामा शुरू कर दिया, और पिंजरे में रखी सभी चीज़ें तोड़-फोड़ दीं...

उस दिन के बाद उसकी ये हरकतें दिनोंदिन बढ़ती चली गईं, और उसे काबू करना मुश्किल होता गया...

चिड़ियाघर के डॉक्टर से जांच के बाद निष्कर्ष निकाला गया, कि मादा अब बच्चा पैदा करना चाहती है, और उसे रोकने का एकमात्र उपाय है कि उसे एक नर गोरिल्ला के साथ रखा जाए...

मुसीबत यह थी कि मादा गोरिल्ला की प्रजाति इतनी दुर्लभ थी कि उसका नर हिन्दुस्तान में तो क्या, दुनिया के किसी भी चिड़ियाघर में उपलब्ध नहीं था...

जब सभी जगह से निराशा हाथ लगी, तो अंततः चिड़ियाघर के डॉक्टर साहब ने अपने मित्र संता सिंह के बारे में चिड़ियाघर के प्रबंधकों को बताया, जिनकी खासियत यही थी कि वह दुनिया की किसी भी प्रजाति की मादा को यौन संबंध बनाकर शांत कर सकते थे...

प्रबंधक तुरंत संता के पास पहुंचे, और उन्हें एक लाख रुपये के बदले मादा गोरिल्ला से यौन संबंध बनाने की पेशकश दी...

संता ने साफ इंकार तो नहीं किया, लेकिन प्रबंधकों से कुछ वक्त मांगा, ताकि अच्छी तरह सोच-विचार करने के बाद वह अपना फैसला बता सके...

अगले दिन संता ने प्रबंधकों से सम्पर्क किया, और कहा, "मुझे मंज़ूर है, लेकिन मेरी तीन शर्तें होंगी... एक, मैं मादा गोरिल्ला के होंठ नहीं चूमूंगा... दो, आपके चिड़ियाघर के स्टाफ का कोई भी व्यक्ति कभी भी इसके बारे में किसी को कुछ नहीं बताएगा... तीन, आप लोग मुझे कम से कम एक हफ्ते का समय देंगे, ताकि मैं एक लाख रुपये जुटा सकूं..."

Wednesday, August 31, 2011

नादान संता सिंह की शादी, और मंझे हुए बंता सिंह...

नादान संता सिंह की शादी तय हुई तो परेशान रहने लगे...

दूर किसी शहर में रहने वाले उनके मित्र बंता सिंह उनकी शादी में शरीक होने पहुंचे, तो सवाल कर बैठे, "क्या हुआ, दोस्त... इतने दुखी क्यों हो...?"

संता ने परेशानी बांटते हुए कहा, "यार, क्या बताऊं... शादी होने वाली है, और मुझे कुछ आता ही नहीं... बस, यही डर सताता रहता है कि कहीं सुहागरात पर ही बेइज़्ज़ती न हो जाए..."

बंता ने संता का कंधा थपथपाते हुए कहा, "दुखी न हो, दोस्त, हम मंझे हुए खिलाड़ी हैं... चल हमारे साथ, सब सिखा देंगे एक ही रात में..."

सो, संता को साथ लेकर बंता पहुंच गए रेडलाइट एरिया में, और किस्मत देखिए, जैसे ही कमरे में घुसने लगे, बिजली चली गई...

बहरहाल, सिखाने का वादा था, सो, एक लालटेन ली, और संता को पकड़ाकर बोले, "तू इसे पकड़कर खड़ा रह, और देखता जा, मैं क्या-क्या कैसे-कैसे करता हूं..."

संता लालटेन थामे हुए उसकी रोशनी में सब कुछ बहुत ध्यान से देखते रहे, और फिर बिस्तर से उठकर बंता ने पूछा, "समझ आया कुछ, या अब भी कोई दुविधा है...?"

संता ने चहकते हुए जवाब दिया, "अरे यार, यह तो बहुत आसान है... मज़े से कर सकता हूं... अब मेरी सारी समस्या दूर हो गई..."

खैर, इसके बाद दोनों दोस्तों की मुलाकात लगभग पांच साल बाद बाज़ार में हुई, तो पुरानी यादें ताज़ा करने के लिए कॉफी शॉप में जाकर बैठ गए...

एक-दूसरे से हालचाल पूछने के बाद बंता ने पूछा, "और बता, यार... शादीशुदा ज़िन्दगी में कोई परेशानी तो नहीं...?"

संता ने भावुक होकर कहा, "बिल्कुल नहीं, दोस्त... मैं हमेशा उसके लिए तुम्हारा एहसानमंद रहूंगा... मेरी शादीशुदा ज़िन्दगी बहुत मज़े से कट रही है, और दो बच्चे भी हैं..."

बंता ने बधाई देते हुए, शरारती स्वर में अगला सवाल किया, "कभी-कभी बिस्तर में नयापन लाने के लिए भी कुछ करता है या बस, वैसे ही चल रहा है...?"

संता ने जवाब दिया, "कुछ खास नहीं... कभी लालटेन दाएं हाथ से पकड़ लेता हूं, कभी बाएं हाथ से..."

Tuesday, August 30, 2011

संता-बंता, और बोलने वाला कुत्ता...

संता सिंह ने अपनी दुकान के बाहर बोर्ड लगाया, "इंसानों के साथ उन्हीं की भाषा में बात करने वाला कुत्ता बिकाऊ है..."

बंता सिंह दुकान पर पहुंचे, बोर्ड पढ़ा, और उत्सुकतावश बोले, "मैं उस कुत्ते से मिलना चाहता हूं..."

संता ने तुरंत कहा, "अंदर वाले कमरे में बैठा है मेरा शेरू... जाइए, मिल लीजिए..."

जैसे ही बंता अंदर पहुंचा, कुत्ते ने उसे हाथ उठाकर सलाम किया...

बंता प्रभावित होकर बोला, "तुम बहुत काबिल हो, दोस्त... क्या-क्या कर सकते हो...?"

कुत्ते ने तुरंत कहा, "मैं तो काफी कुछ कर सकता हूं, लेकिन आजकल सिर्फ इस दुकान में रहता हूं, और रखवाली का काम करता हूं... इससे पहले मैं तीन साल स्कॉटलैण्ड यार्ड में था, और वहां मैंने कई खूंखार आतंकवादियों को पकड़वाया... उससे पहले मैं पांच साल तक इस्राइल के जासूसी विभाग में कुत्ता ट्रेनिंग सेंटर का चीफ रहा... और उससे पहले चार साल अमेरिका में सीआईए के लिए काम करता रहा था..."

बंता सिंह बेहद हैरान हुए, और बाहर आकर संता से पूछा, "यार, दुनिया में इससे ज़्यादा काबिल कुत्ता मैंने कभी नहीं देखा... आप इतने होशियार कुत्ते को बेचना क्यों चाहते हैं...?"

संता ने तपाक से जवाब दिया, "साला, अव्वल नंबर का झूठा है... यह कभी अमेरिका गया ही नहीं..."

Wednesday, August 24, 2011

संता सिंह, शादी, जन्मकुण्डली, और पंडित जी...

संता सिंह ने सालों तक शादी की कोशिश में नाकाम होने के बाद एक दिन पंडित जी को अपनी जन्मकुण्डली दिखाई और बोला, "महाराज, सालों हो गए, लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद मेरी शादी नहीं हो पा रही है... आप बताइए, क्या अड़चन है..."

पंडित जी ने जवाब दिया, "भाई मेरे, तुम्हारी शादी होगी भी नहीं, क्योंकि तुम्हारी कुण्डली में सुख ही सुख लिखा है..."

Friday, August 19, 2011

शरारती सार्थक, संता, और निकम्मा प्रधानमंत्री...

पुलिसवाला संता सिंह बाज़ार में गश्त लगा रहा था, तभी शरारती सार्थक ने उसकी बगल से गुज़रते हुए चीखकर कहा, "प्रधानमंत्री निकम्मा है..."

संता ने तुरंत सार्थक की गर्दन पकड़ ली, और बोला, "तू थाने चल, तुझे मैं सीधा करूंगा... प्रधानमंत्री की बेइज़्ज़ती करता है..."

सार्थक ने घबराए स्वर में कहा, "अंकल, मैं तो फ्रांस के प्रधानमंत्री को निकम्मा बता रहा था..."

सुनते ही संता ने सार्थक को एक चपत लगाई, और बोला, "फिर बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहा है... हमें क्या पता नहीं है, कहां का प्रधानमंत्री निकम्मा है..."
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कौन हूं मैं...

मेरी पहेलियां...

मेरी पसंदीदा कविताएं, भजन और प्रार्थनाएं (कुछ पुरानी यादें)...

मेरे आलेख (मेरी बात तेरी बात)...