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Wednesday, May 25, 2011

शादी, चिन्ताएं, और तकलीफें...

पार्क में प्रेमिका ने अपनी गोद में सिर रखकर लेटे प्रेमी से बहुत प्यार से कहा, "शादी के बाद मैं तुम्हारी सारी चिन्ताएं और तकलीफें बांट लूंगी..."

प्रेमी ने भी प्यार-भरे स्वर में कहा, "मुझे तुमसे यही उम्मीद है, मेरी जान, लेकिन मेरी ज़िन्दगी में कोई चिंता या तकलीफ नहीं है..."

प्रेमिका ने तपाक से कहा, "मेरी जान, अभी हमारी शादी कहां हुई है..."
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