Showing posts with label विवाह समारोह. Show all posts
Showing posts with label विवाह समारोह. Show all posts

Friday, June 03, 2011

"कल तक गोद में खिलाता था इसे..."

विवाह समारोह में दुल्हन के मंच की ओर बढ़ते ही सोफे पर बैठे एक सज्जन रुंआसी आवाज़ में बोले, "कल तक इस लड़की को गोद में खिलाता था, आज यह शादी करके दूर जा रही है..."

पास बैठे किसी व्यक्ति ने पूछ लिया, "आप लड़की के मामा हैं क्या...?"

सज्जन ने जवाब दिया, "नहीं भाईसाहब, मैं तो इसका बॉस हूं..."
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

कौन हूं मैं...

मेरी पहेलियां...

मेरी पसंदीदा कविताएं, भजन और प्रार्थनाएं (कुछ पुरानी यादें)...

मेरे आलेख (मेरी बात तेरी बात)...