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Thursday, October 03, 2013

गुप्ता जी की बेटी, ब्वॉयफ्रेंड, और बाइक की सवारी...

गुप्ता जी की बेटी ने अपने ब्वॉयफ्रेंड को फोन मिलाया और जवाब मिलते ही उत्तेजित आवाज़ में कहा, "तुम्हें पता है, आज मेरे पापा ने मुझे तुम्‍हारे साथ बाइक पर घूमते देख लिया था..."

ब्वॉयफ्रेंड ने चिंतित और डरी हुआ आवाज़ में सवाल किया, "तू ठीक तो है न... उन्होंने कुछ किया तो नहीं...?"

गुप्ता जी की बेटी ने कहा, "तुझे तो मालूम ही है, मेरे पापा कितने सख्त हैं... घर में घुसते ही बस की टिकट के लिए दिए पैसे वापस ले लिए मुझसे..."

Thursday, November 10, 2011

नए ज़माने की A-B-C-D...

विशेष नोट : मैं इस 'नए ज़माने की A-B-C-D' को भले ही चुटकुलों या हंसगुल्लों के साथ आपके सामने पेश कर रहा हूं, लेकिन मेरे खयाल से आजकल के बच्चों को इस तरह A-B-C-D सिखाने में भी कोई हर्ज़ नहीं होना चाहिए, क्योंकि हम मानें या न मानें, हमारी नई पीढ़ी इन्हीं चीज़ों के बीच बड़ी हो रही है...

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Thursday, November 03, 2011

कुछ मजेदार विज्ञापन... (Some funny classified advertisements...)

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Monday, October 17, 2011

रजनीकांत से जुड़े कुछ और तथ्य...

रजनीकांत जिन दिनों तीसरी कक्षा में पढ़ते थे, उनकी रफ नोट्स वाली कॉपी किसी ने चुरा ली थी... 
  • आज उसी कॉपी को हम विकीपीडिया के नाम से जानते हैं...
परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र में लिखा था, इस प्रश्नपत्र में 200 प्रश्न हैं, किन्हीं भी 100 का उत्तर दें...
  • रजनीकांत ने सभी 200 प्रश्न हल किए, और लिखा, किन्हीं भी 100 को जांच लें...
मॉनसून के दौरान रजनीकांत ने क्रिकेट खेलने का फैसला किया...
  • और खेल के कारण बरसात को रुकना पड़ा...
कौन कहता है, दुनिया दिसम्बर, 2012 में समाप्त हो जाएगी...?
  • रजनीकांत ने हाल ही में एक लैपटॉप खरीदा है, जिस पर तीन साल की वॉरन्टी है...
एक समय की बात है, रजनीकांत की एक तस्वीर को फोटोस्टेट कॉपी करवाने के लिए भेजा गया...
  • उस दिन आखिरकार फोटोस्टेट मशीन की कॉपी तैयार करने का तरीका दुनिया को पता चला...
बहुत समय पहले, रजनीकांत ने दांतों की मजबूती के लिए एक पाउडर का इस्तेमाल किया...
  • आज उसी पाउडर को हम 'अम्बुजा सीमेन्ट' के नाम से जानते हैं...

Friday, August 05, 2011

Why men should not write advice columns...?

Dear John...

I sincerely hope you will help me... The other day, I set off for work, leaving my husband in the house watching TV... My car stalled, and then it broke down about a kilometer down the road, and I had to walk back to get my husband's help... When I got home, I could not believe my eyes... He was in our bedroom with the neighbour's daughter...

You know, I am 32, my husband is 35, and the neighbour's daughter is just turned 19 last month... We have been married for 10 years... When I confronted him, he broke down and admitted they had been having an affair for the past six months or so... He won't go to counselling, and I am afraid I am a wreck and need advice urgently... Can you please help...?

Sincerely yours...

Shiela
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Dear Shiela...

A car stalling after being driven such a short distance can be caused by a variety of faults with the engine... Start by checking there is no debris in the fuel line... If it is clear, check the vacuum pipes and hoses on the intake manifold and also check all grounding wires... If none of these approaches solves the problem, it could be that the fuel pump itself is faulty, causing low delivery pressure to the injectors... I hope this helps...

John

Friday, June 03, 2011

"कल तक गोद में खिलाता था इसे..."

विवाह समारोह में दुल्हन के मंच की ओर बढ़ते ही सोफे पर बैठे एक सज्जन रुंआसी आवाज़ में बोले, "कल तक इस लड़की को गोद में खिलाता था, आज यह शादी करके दूर जा रही है..."

पास बैठे किसी व्यक्ति ने पूछ लिया, "आप लड़की के मामा हैं क्या...?"

सज्जन ने जवाब दिया, "नहीं भाईसाहब, मैं तो इसका बॉस हूं..."

Friday, May 27, 2011

गुप्ता जी के बेटे का एक्सीडेंट...

गुप्ता जी का बेटा साइकिल पर स्कूल जाते हुए एक कार की चपेट में आ गया, और लोग उठाकर उसे अस्पताल ले गए...

एमरजेंसी के डॉक्टरों ने जांच के बाद तब तक अस्पताल पहुंच चुके गुप्ता जी को बताया, "माफ कीजिएगा गुप्ता जी, लेकिन आपके बेटे की दोनों टांगें काटनी पड़ेंगी...?"

गुप्ता जी ने माथा पकड़ लिया, और चुप हो गए, जैसे सांप सूंघ गया हो...

डॉक्टर ने पूछा, "अरे, आप ठीक तो हैं न...?"

गुप्ता जी ने माथा पकड़े-पकड़े जवाब दिया, "कैसे ठीक रहूंगा, डॉक्टर साहब, कल ही नालायक को नए जूते दिलवाए थे..."

Thursday, May 26, 2011

संता सिंह की नसबंदी...

संता सिंह की पत्नी घबराए हुए स्वर में डॉक्टर से बोलीं, "डॉक्टर साहब, मेरे पति की तुरंत नसबंदी कर दीजिए, प्लीज़..."
डॉक्टर ने कहा, "आप घबरा क्यों रही हैं... कर देंगे..."
संता की पत्नी का जवाब आया, "घबराऊं नहीं तो क्या करूं, मेरा पांचवां महीना चल रहा है, मेरी बहन का चौथा, कामवाली का तीसरा, भैंस का दूसरा, और आज सुबह हमारी कुतिया ने भी उल्टी की है..."

संता सिंह का फेसबुक अकाउंट...

संता सिंह ने दोस्तों के लगातार उकसाने पर फेसबुक अकाउंट बना लिया, लेकिन समझ नहीं पा रहा था कि वॉल पर क्या लिखे...

बहुत देर सोचने-विचारने के बाद संता ने लिखा, "यहां पेशाब करना मना है..."

Wednesday, May 25, 2011

रजनीकांत, बेटी की शादी, और डीजे...

अपनी बेटी की शादी में मेहमानों को खुश करने के लिए देर रात रजनीकांत खुद डीजे की भूमिका में उतर आए...

आधा घंटा भी नहीं बीता था कि समारोह में एक यूएफओ उतरा, एक एलियन बाहर आया, और बोला, "प्लीज़, आवाज़ कम कर लीजिए, मेरे बेटे का कल बोर्ड का एक्ज़ाम है..."

Wednesday, May 18, 2011

हद हो गई शर्मिन्दगी की...

संता सिंह अपनी पत्नी को लोदी गार्डन में घुमाने ले गए, और वहां वे दोनों भी सभी जोड़ों की तरह प्रेमालाप करने लगे...

अचानक वहां एक लड़की पहुंची, और संता की पत्नी से बोली, "मैडम, पैसे पहले ले लेना, वरना यह साला बाद में बहुत नखरे करता है..."

Saarthak, the maths class, and 69...

The teacher once asked Mischievous Saarthak, "What comes after 69...?"

Saarthak, as always, replied smiling, "Mouthwash, madam..."

Talking dirty...

When a man talks dirty to a woman, it's sexual harassment...

But when a woman talks dirty to a man, it's $3.95 per minute...

तालाब में नहाना प्रतिबंधित है...

एक खूबसूरत और जवान लड़की तालाब के पास पहुंची, और अपने सारे कपड़े उतारकर पानी में छलांग लगाने ही वाली थी कि वहां एक गार्ड ने आकर कहा, "माफ कीजिए मैडम, लेकिन इस तालाब में नहाना प्रतिबंधित है..."

लड़की ने गुस्से में कहा, "लेकिन यह बात तुमने उस समय क्यों नहीं बताई, जब मैं कपड़े उतार रही थी...?"

गार्ड ने शराफत से जवाब दिया, "मैडम, वह प्रतिबंधित नहीं है..."

Wednesday, May 11, 2011

संता की पत्नी के साथ जंगल की सैर...

संता सिंह अपनी पत्नी के साथ अफ्रीका के जंगलों में सैर के लिए गए, जहां एक दिन अचानक उनकी पत्नी गश खाकर गिर पड़ीं, और संता घबरा गए...

उन्होंने तुरंत ही मोबाइल निकाला, और गाइड का बताया हुआ एमरजेन्सी मेडिकल हेल्पलाइन नम्बर डायल किया...

उधर से आवाज़ आई, "मैं एमरजेन्सी मेडिकल हेल्पलाइन से बारबरा बोल रही हूं... सर, मैं आपकी क्या मदद कर सकती हूं..."

संता ने रुआंसी आवाज़ में कहा, "जंगल में घूमते-घूमते मेरी पत्नी अचानक गिर पड़ी, और वह सांस लेती महसूस नहीं हो रही है... मुझे लगता है, वह मर गई..."

उधर से फिर आवाज़ आई, "घबराइए नहीं, सर... सबसे पहले, हमें यह पक्का करना होगा कि क्या वह सचमुच मर चुकी हैं...?"

अब इस तरफ सन्नाटा छा गया...

फिर एक गोली चलने की आवाज़ आई...

...और फिर संता ने कहा, "हां, अब ठीक है... अब बताइए, क्या करना होगा...?"

संता, बंता और अण्डे...

संता सिंह ने अपने दोस्त बंता सिंह से कहा, "अगर तुम मुझे बता दो कि मेरे थैले में क्या है तो मैं इसमें से पांच अण्डे तुम्हें दे दूंगा... और अगर तुम बता दो कि कितने अण्डे हैं, तो सभी 12 के 12 अण्डे तुम्हारे... और अगर तुम मुझे यह बता दो कि अण्डे किसके हैं, तो वह मुर्गी भी तुम्हें दे दूंगा..."

बंता ने सिर खुजाते हुए कहा, "लेकिन कोई हिन्ट तो दे, यार..."

Tuesday, May 10, 2011

राम-सेतु पर राम-हनुमान के बीच वार्तालाप...

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विशेष नोट : इस पोस्ट के लिए मेरी मौसेरी बहन रचना दिलीप कृष्णन को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिसने यह मेल मुझे अंग्रेज़ी में भेजा था, और मैंने इसका अनुवाद कर दिया...
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भगवान श्रीरामचंद्र ने राम सेतु को निहारा तथा बोले, "हे हनुमान, तुमने और तुम्हारी वानर सेना ने कितनी मेहनत से कई शताब्दियों पहले इस शानदार सेतु का निर्माण किया था... तुम लोगों ने यह सेतु इतना मजबूत बनाया था था कि सदियों-सदियों से यह पर्यावरण की सभी विभीषिकाएं झेलता आ रहा है... यह सेतु तुम लोगों की सचमुच बेहद शानदार उपलब्धि है, विशेष रूप से आजकल की स्थिति में, जब 'गैमन' जैसी बड़ी निर्माण कंपनी का हैदराबाद में बनाया पुल उसके उद्घाटन से भी पहले ढह गया..."

हनुमान शिष्टता के साथ सिर झुकाकर बोले, "जय श्री राम... प्रभु, यह सब आपके वरदहस्त से ही संभव हो सका था... हमने तो सिर्फ पत्थरों पर आपका नाम लिख-लिखकर समुद्र में डाले थे, और वे तैरते गए... हमने तो इस सेतु के लिए न टिस्को से स्टील मंगाया था, न ही अम्बुजा अथवा एसीसी से सीमेंट मांगा... परंतु भगवन, आज आप गड़े मुर्दे क्यों उखाड़ रहे हैं...?"

राम ने कहा, "हनुमान, दरअसल धरती पर रहने वाले कुछ लोग हमारे इस सेतु को तोड़कर उसके स्थान पर एक नहर का निर्माण करना चाहते हैं... उस नहर के ठेके में करोड़ों-अरबों रुपया लगने जा रहा है, जिसे 'कमाने' के लिए तैयारियां जारी हैं... वे लोग तुम्हारे इस सेतु को तोड़ने में भी कमाएंगे, और फिर नहर बनवाकर तो उससे भी ज़्यादा कमाने वाले हैं..."

हनुमान ने श्रद्धाभाव से नतमस्तक होकर प्रश्न किया, "भगवन, क्यों न हम लोग पृथ्वी पर जाकर उन लोगों के समक्ष अपना पक्ष रखें...?"

राम ने ठंडी आह भरकर कहा, "जिस समय हम वहां थे, तब से अब तक समय बहुत बदल चुका है, हनुमान... सबसे पहले वे लोग हमसे आयु प्रमाणपत्र देने के लिए कहेंगे, और हम लोगों के पास जन्म प्रमाणपत्र या स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट है ही नहीं... हम लोगों के समय में लम्बी-लम्बी यात्राएं भी पैदल या रथों पर की जाती थीं, सो, हम लोगों के पास धरतीवासियों की तरह ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं हैं... जहां तक आवास प्रमाणपत्र का प्रश्न है, मेरा तो जन्मस्थान ही विवादों से घिरा हुआ है... पांच-छह दशक से मेरे जन्मस्थान पर विवाद न्यायालय में लंबित है... कुछ लोगों का तो यह भी दावा है कि मैं पैदा ही नहीं हुआ था... अब ऐसी स्थिति में यदि मैं अपनी परम्परागत वेशभूषा तथा धनुष-बाण लेकर पृथ्वी पर चला गया, तो संभव है, जनसाधारण मुझे पहचान ले, परंतु यदि अर्जुन सिंह मिल गए तो वह मुझे शर्तिया किसी जनजातीय कबीले में छोड़ आएंगे, और ज़्यादा से ज़्यादा मुझे आरक्षित कोटे से किसी आईआईटी में एक सीट दिलवा देंगे... और वैसे यदि मैं आज के मानव की वेशभूषा, अर्थात थ्री-पीस सूट, पहनकर जाऊं, और अपने आगमन की घोषणा करूं तो मेरे श्रद्धालुओं तक के मन में अविश्वास उत्पन्न हो जाएगा... सो, मैं तो जबरदस्त असमंजस में हूं..."

हनुमान ने पहले जैसी ही शिष्टता के साथ सिर झुकाकर कहा, "यदि आप अनुमति दें तो मैं आपकी बात की सत्यता सिद्ध करने के लिए गवाही दूंगा कि यह सेतु मैंने स्वयं बनाया था..."

राम फिर बोले, "प्रिय अंजनिपुत्र, मेरे विचार में इससे भी काम नहीं बनेगा... जब तुम इस सेतु के निर्माण का दावा करोगे, वे तुमसे ले-आउट प्लान, और वित्तीय व्यवस्था सहित प्रोजेक्ट की सारी डिटेल्स तो मांगेंगे ही, यह भी बताने के लिए कहेंगे कि ज़रूरी रकम का प्रबंध कैसे किया गया था... और सबसे बड़ी बात, वे तुमसे संपूर्णता प्रमाणपत्र (कम्प्लीशन सर्टिफिकेट) भी मांगेंगे... अब भारतवर्ष में कागज़ी प्रमाणों के बिना कोई भी सत्य स्वीकार नहीं किया जाता... स्थिति ऐसी हो चुकी है, कि तुम्हें लगातार खांसी होने के बावजूद जब तक डॉक्टर लिखकर न दे, तुम्हें बीमार नहीं माना जाएगा... कोई वृद्ध अपनी पेंशन लेने के लिए भले ही स्वयं अधिकारी के समक्ष जाकर खड़ा हो जाए, लिखित प्रमाणपत्र की अनुपस्थिति में उसे जीनित नहीं माना जाता, और उसे नियमित रूप से जीवित होने का प्रमाणपत्र देना पड़ता है... वत्स, व्यवस्था बहुत उलझ चुकी है अब..."

हनुमान फिर नतमस्तक हुए, और बोले, "प्रभु, आप सही कह रहे हैं, परंतु इन इतिहासकारों को मैं कभी नहीं समझ पाया... बीती सदियों में आप समय-समय पर सूरदास, तुलसीदास, त्यागराज, जयदेव, भद्राचल रामदास, और तुकाराम जैसे संतों को दर्शन देते रहे हैं, परंतु फिर भी यह आपके अस्तित्व को नकार देते हैं, तथा रामायण को काल्पनिक कथा बताते हैं... अब मेरे विचार में हमारे पास एक ही उपाय बचा है, कि हम रामायण को पृथ्वी पर दोबारा घटित करें, ताकि सरकारी दस्तावेज़ों में प्रमाण के रूप में सब कुछ दर्ज हो जाए..."

श्रीरामचंद्र मुस्कुराए, "अब वह भी सरल नहीं रहा, हनुमान... रावण को आशंका है कि करुणानिधि की उपस्थिति में वह कहीं संत न समझ लिया जाए... मैंने उसके मामा मारीच से भी बात की थी, जिसने वनवास के दौरान सीता को सुनहरा मृग बनकर ललचाया था, परंतु वह भी अब डर रहा है, और सलमान खान के रहते पृथ्वी पर अवतरित होने के लिए कतई तैयार नहीं है... शूर्पनखा अब आज की नारी हो गई है, और उन्हीं की तरह ब्यूटी-कॉन्शस हो जाने के कारण नाक कटवाने के लिए तैयार नहीं है... दोनों किष्किन्धा नरेश बालि तथा सुग्रीव अब दरअसल कॉरपोरेट चलाते हैं, सो, मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक रूप से झगड़ा करने के लिए राजी नहीं हैं... और देशभर में जातिवाद की राजनीति इस कदर फैल चुकी है कि यदि मैंने शबरी के हाथ से बेर खा लिए तो मुमकिन है, मायावती इसे उनके वोट बैंक पर डाका समझें और भाई मेरे, मेरी जन्मस्थली उनके राज्य में ही है... मेरे कहने का तात्पर्य यह है, वत्स, फिलहाल भारतवर्ष में समस्याएं ही समस्याएं हैं, सो, हमारे लिए बेहतर यही होगा कि हम अगले युग की प्रतीक्षा करें..."
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विशेष नोट : इस पोस्ट के लिए मेरी मौसेरी बहन रचना दिलीप कृष्णन को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिसने यह मेल मुझे अंग्रेज़ी में भेजा था, और मैंने इसका अनुवाद कर दिया...
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Tuesday, May 03, 2011

फिर फूटा संता सिंह का सिर...

संता सिंह बुरी तरह फूटे हुए सिर के साथ डॉक्टर के पास पहुंचा, और डॉक्टर ने भी ड्रेसिंग करने में देर न की...

बाद में उसने फीस देते संता से सवाल किया, "यह चोट कैसे लगी, भाईसाहब...?"

संता ने ठंडी सांस लेते हुए जवाब दिया, "क्या बताऊं, डॉक्टर साहब... हुआ यूं कि पिछले हफ्ते मेरी बीवी मायके चली गई थी... मुझे हवा बदलने का आयडिया आया, और मैं भी होटल में जाकर टिक गया... वहां रात को 12 बजे मेरे कमरे की घंटी बजी, मैंने दरवाज़ा खोला तो नाइटी में लिपटी एक बेहद खूबसूरत लड़की ने रात को परेशान करने के लिए माफी मांगते हुए बताया कि उसे सर्दी लग रही है, और मदद चाहिए... मैंने तुरंत अपने कमरे का कंबल उठाकर उसे दे दिया... लगभग एक घंटे बाद घंटी फिर बजी, दरवाज़ा खोला, और वही लड़की फिर सामने थी... इस बार भी उसे वही शिकायत थी, सो, मैंने अपना ओवरकोट भी उसे दे दिया... वह चली गई, और फिर लौटकर नहीं आई... फिर आज अपने घर पर दीवार में कील ठोकते हुए अचानक मुझे समझ में आया कि उस दिन वह लड़की क्या चाह रही थी, बस, मैंने हथौड़ी अपने सिर पर दे मारी..."

Thursday, April 28, 2011

आई ऑब्जेक्ट, माई लॉर्ड...

एक मुकदमे के दौरान एक बेहद खूबसूरत लड़की को गवाह के तौर पर बुलाया गया...

बचाव पक्ष के वकील ने लड़की से सवाल किया, "परसों रात तुम कहां थी...?"

लड़की ने सकुचाते हुए जवाब दिया, "मैं अपने एक मित्र के साथ डिनर करने कनॉट प्लेस गई थी, फिर हम लगभग 11 बजे डिस्को गए, और फिर लगभग दो बजे हम उसके घर चले गए..."

वकील साहब ने अगला सवाल दागा, "और कल रात...?"

लड़की ने पहले से भी अधिक सकुचाते हुए कहा, "कार्यक्रम बिल्कुल पिछली रात जैसा ही रहा, लेकिन कल रात मैं अपने दूसरे मित्र के साथ थी..."

वकील ने धीरे से तीसरा सवाल किया, "आज रात का तुम्हारा क्या कार्यक्रम है...?"

तभी सरकारी वकील अपनी सीट पर खड़े होकर चिल्लाया, "आई ऑब्जेक्ट, माई लॉर्ड... मैं गवाह से यह सवाल पहले ही कर चुका हूं..."

Wednesday, April 27, 2011

गुप्ता जी का बेटा, गर्लफ्रेंड, और जन्मदिन का तोहफा...

करोड़पति (लेकिन कंजूस) गुप्ता जी के बेटे की गर्लफ्रेंड ने अपने जन्मदिन पर इतराते हुए गुप्ता जी के बेटे से पूछा, "मेरा जन्मदिन का तोहफा कहां है...?"

गुप्ता जी के बेटे ने मुस्कुराते हुए सवालिया जवाब दिया, "सड़क के दूसरे छोर पर सामने वह लाल रंग की फेरारी कार दिख रही है...?"

गर्लफ्रेंड बेहद उत्तेजित हो गई, और लगभग चीखकर बोली, "हां, हां, दिख रही है..."

गुप्ता जी के बेटे ने मुस्कुराहट बरकरार रखते हुए कहा, "मेरी जान, बिल्कुल इसी रंग की लिपस्टिक लेकर आया हूं तेरे लिए..."
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कौन हूं मैं...

मेरी पहेलियां...

मेरी पसंदीदा कविताएं, भजन और प्रार्थनाएं (कुछ पुरानी यादें)...

मेरे आलेख (मेरी बात तेरी बात)...