एक अध्यापक कक्षा में पढ़ाते-पढ़ाते कुर्सी पर बैठकर सो गया...
तभी अचानक स्कूल इंस्पेक्टर वहां दौरे पर आ गया...
वह अध्यापक से चीखकर बोला, "क्लास में सोते हो, शर्म नहीं आती..."
अध्यापक हड़बड़ाकर उठा और इसी चक्कर में कुर्सी से गिर गया, लेकिन तुरंत खड़ा हुआ और बात संभालने के लिए बोला, "देखा बच्चों, इसे कहते हैं - अपादान कारक, यानि किसी वस्तु से अलग होना..."
चुटकुला ऐसी संज्ञा है, जिससे कोई भी अपरिचित नहीं... हंसने-हंसाने के लिए दुनिया के हर कोने में इसका प्रयोग होता है... खुश रहना चाहता हूं, खुश रहना जानता हूं, सो, चुटकुले लिखने-पढ़ने और सुनने-सुनाने का शौकीन हूं... कुछ चुनिंदा चुटकुले, या हंसगुल्ले, आप लोगों के सामने हैं... सर्वलोकप्रिय श्रेणियों 'संता-बंता', 'नॉनवेज चुटकुले', 'पति-पत्नी' के अलावा कुछ बेहतरीन हास्य कविताएं और मेरी अपनी श्रेणी 'शरारती सार्थक' भी पढ़िए, और खुद को गुदगुदाइए...
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Thursday, November 19, 2009
अपादान कारक
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