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Friday, November 11, 2011

कैमिस्ट की दुकान पर मिर्ज़ा ग़ालिब...

मिर्ज़ा ग़ालिब ने कैमिस्ट की दुकान पर जाकर वहां खड़े लड़के से कहा, "भाईजान, ज़रा गिलाफ-ए-औज़ार-ए-मज़ा-ए-मोहब्बत औ' बंदिश-ए-इज़ाफा-ए-नस्ल देना..."

लड़का भौंचक्का-सा बोला, "क्या दूं आपको...?"

बगल में खड़ा लड़के का बाप बोला, "बेटे, चचा को कॉन्डोम का पैकेट दे दे..."

Tuesday, May 24, 2011

कैमिस्ट, गर्लफ्रेन्ड के घर पर डिनर, और प्रार्थना...

एक जवान लड़का बहुत जोश में दवाइयों की दुकान पर पहुंचकर कैमिस्ट से बोला, "तीन कॉन्डोम वाला एक पैकेट दीजिए, अंकल... आज मैं अपनी गर्लफ्रेन्ड के घर पर डिनर के लिए जा रहा हूं... शायद मौका मिल जाए..."

कैमिस्ट ने उसकी ओर मुस्कुराकर देखा, और एक पैकेट कॉन्डोम पकड़ा दिए...

लड़के को अचानक कुछ याद आया, और बोला, "एक काम कीजिए, आप दो पैकेट कॉन्डोम और दे दीजिए... दरअसल, मेरी गर्लफ्रेन्ड की बहन भी पटाखा है और मां भी अभी तक बहुत सेक्सी है... शायद किस्मत खुल जाए..."

कैमिस्ट ने चुपचाप उसे दो पैकेट कॉन्डोम और पकड़ा दिए, लड़के ने दाम चुकाए और चल दिया...

रात को गर्लफ्रेन्ड के घर में डिनर टेबल पर लड़की के पिता के पहुंचते ही वह लड़का और गर्लफ्रेन्ड का सारा परिवार सिर झुकाकर प्रार्थना करने लगा...

10-15 मिनट से भी ज़्यादा बीच गए, लड़के ने सिर नहीं उठाया, तो गर्लफ्रेन्ड ने कान में फुसफुसाकर कहा, "मुझे नहीं पता था कि तुम इतने धार्मिक हो..."

लड़के ने सिर झुकाए-झुकाए ही जवाब दिया, "मुझे भी पता नहीं था कि तेरा बाप कैमिस्ट है..."
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