Showing posts with label चौराहा. Show all posts
Showing posts with label चौराहा. Show all posts

Tuesday, August 23, 2011

शरारती सार्थक, मोटरसाइकिल, चौराहा, और लाल बत्ती...

चौराहे पर लाल बत्ती होने के बावजूद मोटरसाइकिल पर सवार शरारती सार्थक काफी तेज़ी से पार हो गया, लेकिन चौराहे से निकलते ही ट्रैफिक पुलिस का सिपाही सामने आ गया, और मजबूरन उसे मोटरसाइकिल रोकनी पड़ी...

सिपाही गुस्से से बोला, "तुझे लाल बत्ती नहीं दिखी थी क्या...?"

सार्थक ने मासूमियत से जवाब दिया, "लाल बत्ती तो दिखी थी, सर, आप नहीं दिखे थे..."
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

कौन हूं मैं...

मेरी पहेलियां...

मेरी पसंदीदा कविताएं, भजन और प्रार्थनाएं (कुछ पुरानी यादें)...

मेरे आलेख (मेरी बात तेरी बात)...