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Friday, December 11, 2009

एक साथ तीन बीयर...

बंता सिंह ने लंदन के एक बार में प्रवेश किया और एक साथ तीन बीयर का ऑर्डर दिया...

बीयर आने के बाद उन्होंने तीनों में से बारी-बारी एक-एक घूंट ले-लेकर बीयर खत्म की, बैरे को बुलाया और तीन बीयर फिर से मंगाईं...

बैरा बोला, "साहब, अपने बार में काफ़ी स्टॉक है बीयर का, आप एक-एक करके ही ऑर्डर करो, और बीयर का मज़ा लो..."

बंता सिंह बोले, "अरे नहीं भाई, बात स्टॉक की नहीं है... दरअसल, हम तीन भाई हैं, एक कनाडा में है, एक दुबई में है, और मैं यहां लंदन में हूं... जब हम साथ रहते थे तो हम लोग बार में जाकर इकठ्ठे ही बीयर पिया करते थे, और अब हम अपनी-अपनी नौकरी-धंधे की वजह से अलग हो गए हैं, तो हमने आपस में वादा किया है कि हम जहां भी रहेंगे, इसी तरह अपने पुराने दिनों को याद करके बीयर पिया करेंगे..."

इसके बाद बंता जी उस बार में नियमित रूप से आने लगे और उसी तरह, हर बार तीन बीयर आर्डर करते, तीनों खत्म करते और चले जाते...

लगभग एक साल बाद, एक दिन बंता जी बार में आए, मगर उन्होंने सिर्फ़ दो बीयर ही ऑर्डर कीं...

इतना सुनते ही बार के सभी नियमित ग्राहक और बैरे चकित रह गए...

किसी अनिष्ट की आशंका करते हुए एक बैरा आया और बंता से बोला, "साहब, मैं आपके ग़म को बढ़ाना नहीं चाहता, मगर हमारी पूरी सहानुभूति आपके साथ है..."

बंता जी ने थोड़ा चकित होते हुए बैरे को घूरा, फिर ज़ोर से हंसते हुए बोले, "हो... हो... हो... अरे नहीं जी, मेरे सभी भाई बिल्कुल सही-सलामत हैं... बात बस इतनी-सी है कि कल ही से मैंने बीयर पीनी छोड़ दी है..."
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