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Thursday, June 09, 2011

संता सिंह, पत्नी, फरमाइशें, और खुदकुशी...

संता सिंह की पत्नी ने सुबह उठते ही अपने पति को पंखे से रस्सी बांधते देखा, तो घबराकर पूछा, "यह आप क्या कर रहे हो जी...?"

संता ने दुखी स्वर में कहा, "मैं तेरी रोज़-रोज़ की नए कपड़े दिलाने की फरमाइशों से तंग आ गया हूं, इसलिए खुदकुशी करने जा रहा हूं..."

पत्नी ने दहाड़ें मार-मारकर रोना शुरू कर दिया, और बोली, "एक सफेद सूट तो दिलवा दो, वरना तेरहवीं पर क्या पहनूंगी...?"

Monday, January 11, 2010

पत्नी से बहुत परेशान हूं...

संता सिंह ने अपनी परेशानी बंता सिंह को सुनाते हुए कहा, "यार, मैं अपनी पत्नी से बहुत परेशान हूं... सारा बजट बिगाड़ देती हैं उसकी फरमाइशें... हर छह महीने में एक अच्छी-सी साड़ी की फरमाइश कर देती है..."

बंता ने पलटकर अपनी परेशानी बताई, "यार, मेरी पत्नी इससे भी ज़्यादा परेशान करती है... हर हफ्ते एक साड़ी की फरमाइश होती है उसकी..."

संता ने हैरान होकर पूछा, "अरे बाप रे... लेकिन इतनी साड़ियों का वह करती क्या है...?"

बंता ने जवाब दिया, "पता नहीं, दोस्त... मैंने तो आज तक दिलाई नहीं..."
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