सरकारी कर्मचारी संता सिंह और बंता सिंह बातें कर रहे थे...
संता ने बंता को बताया, "अपना फैमिली एलाउंस बढ़वाने के लिए मैंने अपने बच्चों की संख्या तीन लिखवा दी है..."
बंता ने फटकारते हुए कहा, "तू बेवकूफ ही रहेगा, यार... कम से कम पांच तो लिखवाता... मैंने तो सात लिखवाई है..."
संता ने जवाब दिया, "यार, तेरी बात और है... तू तो शादीशुदा है..."
चुटकुला ऐसी संज्ञा है, जिससे कोई भी अपरिचित नहीं... हंसने-हंसाने के लिए दुनिया के हर कोने में इसका प्रयोग होता है... खुश रहना चाहता हूं, खुश रहना जानता हूं, सो, चुटकुले लिखने-पढ़ने और सुनने-सुनाने का शौकीन हूं... कुछ चुनिंदा चुटकुले, या हंसगुल्ले, आप लोगों के सामने हैं... सर्वलोकप्रिय श्रेणियों 'संता-बंता', 'नॉनवेज चुटकुले', 'पति-पत्नी' के अलावा कुछ बेहतरीन हास्य कविताएं और मेरी अपनी श्रेणी 'शरारती सार्थक' भी पढ़िए, और खुद को गुदगुदाइए...
Showing posts with label फैमिली एलाउंस. Show all posts
Showing posts with label फैमिली एलाउंस. Show all posts
Friday, December 11, 2009
फैमिली एलाउंस...
कीवर्ड अथवा लेबल
Jokes,
Vivek Rastogi,
चुटकुले,
फैमिली एलाउंस,
विवेक रस्तोगी,
संता-बंता
Subscribe to:
Posts (Atom)