Showing posts with label मैक्सिकन. Show all posts
Showing posts with label मैक्सिकन. Show all posts

Wednesday, December 09, 2009

मैक्सिकन डाकू, इंस्पेक्टर और वकील साहब...

एक मैक्सिकन डाकू सीमा पार कर बार-बार टेक्सास जाकर बैंकों में डकैती डालता था...

आखिरकार उसके सिर पर बड़ा-सा इनाम घोषित कर दिया गया और टेक्सास के एक उत्साही इंस्पेक्टर ने उसे पकड़ने का निश्चय कर लिया...

लंबी खोजबीन के बाद इंस्पेक्टर ने डाकू को एक शराबघर में पा ही लिया...

चुपके से डाकू के पीछे पहुंचकर इंस्पेक्टर ने अपनी पिस्तौल उसकी कनपटी पर रख दी और बोला, "तुम गिरफ्तार किए जाते हो... बताओ, तुमने लूट का माल कहां छिपाया है, वरना मैं तुम्हारा भेजा उड़ा दूंगा..."

लेकिन अफसोस, डाकू अंग्रेज़ी नहीं जानता था और इंस्पेक्टर को स्पेनिश नहीं आती थी...

संयोग से वहां एक वकील मौजूद था, जो ये दोनों भाषाएं जानता था...

उसने इंस्पेक्टर की बात का अनुवाद कर डाकू को बताया...

डाकू डर गया, और तुरन्त बोला, "शराबघर के पीछे एक ओक के पेड़ के नीचे सारा लूट का माल गड़ा हुआ है..."

इंस्पेक्टर ने वकील से पूछा, "इसने क्या कहा...?"

वकील ने जवाब दिया, "यह कह रहा है, भाग जा, बेवकूफ इंस्पेक्टर... तेरे बॉस को रिश्वत देकर खरीद चुका हूं मैं... तेरी इतनी औकात नहीं कि तू मुझे गिरफ्तार करे..."
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

कौन हूं मैं...

मेरी पहेलियां...

मेरी पसंदीदा कविताएं, भजन और प्रार्थनाएं (कुछ पुरानी यादें)...

मेरे आलेख (मेरी बात तेरी बात)...