कर दिया इश्क ने नाकिस, वरना चांद पर जाता...
तुम्हारी मांग भरने को, सितारे तोड़कर लाता...
बहा डाले तुम्हारी याद में, आंसू कई गैलन...
अगर तुम मिलने न आतीं, यहां सैलाब आ जाता...
तुम्हारे नाम के ख़त सब, तुम्हारे बाप ने खोले...
उसे उर्दू अगर आती, तो वो कच्चा चबा जाता...
तुम्हारी ही जफा से मैं बना हूं, टॉप का शायर...
तुम्हारे इश्क में रहता, तो सीधा आगरा जाता...
चुटकुला ऐसी संज्ञा है, जिससे कोई भी अपरिचित नहीं... हंसने-हंसाने के लिए दुनिया के हर कोने में इसका प्रयोग होता है... खुश रहना चाहता हूं, खुश रहना जानता हूं, सो, चुटकुले लिखने-पढ़ने और सुनने-सुनाने का शौकीन हूं... कुछ चुनिंदा चुटकुले, या हंसगुल्ले, आप लोगों के सामने हैं... सर्वलोकप्रिय श्रेणियों 'संता-बंता', 'नॉनवेज चुटकुले', 'पति-पत्नी' के अलावा कुछ बेहतरीन हास्य कविताएं और मेरी अपनी श्रेणी 'शरारती सार्थक' भी पढ़िए, और खुद को गुदगुदाइए...
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Friday, December 11, 2009
इश्क और शायरी...
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