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Monday, December 07, 2009

घर में लोकतंत्र...

संता ने अपने दोस्त बंता को बताया, "दोस्त, चूंकि हम लोकतंत्र प्रणाली में विश्वास रखते हैं, इसलिए हमने अपने घर में भी सुख-शान्ति बनाए रखने के लिए इसी को अपना लिया है... मेरी पत्‍नी हमारे घर की गृहमंत्री है, और मेरी सास रक्षामंत्री... मेरे ससुर हमारे घर के विदेशमंत्री कहलाते हैं और मेरी साली को लोकसम्पर्क मंत्री कहा जाता है...

बंता ने उत्सुकता से पूछा, "...तो फिर आप शायद प्रधानमंत्री होंगे...?"

संता ने जवाब दिया, "नहीं यार, मैं तो बेचारी जनता हूं..."

सास-बहू का लोकतंत्र...

सास ने नई-नवेली बहू को घर की व्यवस्था समझाते हुए कहा, "देखो, मैं इस घर की गृहमंत्री हूं, लेकिन साथ ही वित मंत्रालय भी संभालती हूं... तुम्हारे ससुर घर के विदेशमंत्री है। मेरा बेटा और तुम्हारा पति आपूर्ति मंत्री है एवं मेरी बेटी और तुम्हारी ननद योजना मंत्री है... अब तुम ही बताओ, तुम कौन-सा विभाग लेना पसंद करोगी...?"

बहू ने मुस्कुराते हुए तपाक से जवाब दिया, "जी, मैं तो विपक्ष में बैठूंगी..."
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