संता सिंह रेलवे में लाइन्समैन की नौकरी के लिए इन्टरव्यू देने गया...
उससे पूछा गया, मान लो, तुम्हें पता चलता है कि तुम्हारे ट्रैक पर दो रेलगाड़ियां विपरीत दिशा से आ रही हैं और उनमें टक्कर होने वाली है तो तुम क्या करोगे...?
संता: मैं किसी एक ट्रेन को दूसरी लाइन पर स्विच कर दूंगा...
इन्टरव्यू लेने वाला : अगर लीवर काम नहीं कर रहा हो तो...?
संता : मैं हाथ से लीवर को खींचने की कोशिश करूंगा...
इन्टरव्यू लेने वाला : अगर वह तरीका भी काम नहीं आया तो...?
संता: मैं दोनों तरफ़ के स्टेशन मास्टरों को खबर करूंगा...
इन्टरव्यू लेने वाला : अगर फोन भी काम नहीं कर रहा हो तो...?
संता: मैं लाल कपड़ा लेकर ट्रैक पर खड़ा हो जाऊंगा...
इन्टरव्यू लेने वाला : अगर उस समय कोई लाल कपड़ा नहीं मिला तो...?
संता: फिर मैं अपनी बीबी प्रीतो को बुलाऊंगा...
इन्टरव्यू लेने वाला : क्यों, क्या वह इन्जीनियर है...?
संता: नहीं, उसने कभी रेलगाड़ियों की टक्कर नहीं देखी...
चुटकुला ऐसी संज्ञा है, जिससे कोई भी अपरिचित नहीं... हंसने-हंसाने के लिए दुनिया के हर कोने में इसका प्रयोग होता है... खुश रहना चाहता हूं, खुश रहना जानता हूं, सो, चुटकुले लिखने-पढ़ने और सुनने-सुनाने का शौकीन हूं... कुछ चुनिंदा चुटकुले, या हंसगुल्ले, आप लोगों के सामने हैं... सर्वलोकप्रिय श्रेणियों 'संता-बंता', 'नॉनवेज चुटकुले', 'पति-पत्नी' के अलावा कुछ बेहतरीन हास्य कविताएं और मेरी अपनी श्रेणी 'शरारती सार्थक' भी पढ़िए, और खुद को गुदगुदाइए...
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Thursday, November 19, 2009
रेलवे लाइन्समैन की नौकरी
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निरीक्षण क्षमता
पुलिस में सिपाहियों की भर्ती के लिये साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थियों को एक व्यक्ति की तस्वीर दिखाते हुए साक्षात्कारकर्ता ने कहा, एक पुलिस वाले में निरीक्षण करने की शक्ति का होना बहुत आवश्यक है... इस चित्र को ध्यान से देखो और बताओ कि इसमें तुम्हें क्या खास बात दिखाई देती है...?
पहले आवेदक ने कहा, इस आदमी के सिर्फ एक कान है...
साक्षात्कारकर्ता ने असंतुष्टि का भाव प्रदर्शित करते हुए कहा, तुम जा सकते हो...
दूसरा आवेदक आया और उसने भी वही जवाब दिया, यह एक कान वाला आदमी है...
साक्षात्कारकर्ता चिल्लाया, बाहर निकल जाओ...
अब तीसरे आवेदक की बारी थी...
पहले दो आवेदकों ने उसे बताया कि साक्षात्कारकर्ता को यह सुनना पसंद नहीं कि तस्वीर में जो आदमी है, उसका एक ही कान है...
यह जानकारी लेकर तीसरा आवेदक साक्षात्कार कक्ष में प्रवेश कर गया...
वही सवाल पूछे जाने पर उसने पहले थोड़ी देर तक तस्वीर को घूरा फिर बोला, यह आदमी कॉन्टेक्ट लेंस पहनता है...
साक्षात्कारकर्ता इस नए निरीक्षण से प्रभावित हुआ...
वह बोला, शाबाश, लेकिन मुझे बताओ कि तुमने यह जाना कैसे...?
आवेदक ने जवाब दिया, चूंकि इस आदमी का एक ही कान है, इसलिए वह चश्मा तो पहन ही नहीं सकता…
पहले आवेदक ने कहा, इस आदमी के सिर्फ एक कान है...
साक्षात्कारकर्ता ने असंतुष्टि का भाव प्रदर्शित करते हुए कहा, तुम जा सकते हो...
दूसरा आवेदक आया और उसने भी वही जवाब दिया, यह एक कान वाला आदमी है...
साक्षात्कारकर्ता चिल्लाया, बाहर निकल जाओ...
अब तीसरे आवेदक की बारी थी...
पहले दो आवेदकों ने उसे बताया कि साक्षात्कारकर्ता को यह सुनना पसंद नहीं कि तस्वीर में जो आदमी है, उसका एक ही कान है...
यह जानकारी लेकर तीसरा आवेदक साक्षात्कार कक्ष में प्रवेश कर गया...
वही सवाल पूछे जाने पर उसने पहले थोड़ी देर तक तस्वीर को घूरा फिर बोला, यह आदमी कॉन्टेक्ट लेंस पहनता है...
साक्षात्कारकर्ता इस नए निरीक्षण से प्रभावित हुआ...
वह बोला, शाबाश, लेकिन मुझे बताओ कि तुमने यह जाना कैसे...?
आवेदक ने जवाब दिया, चूंकि इस आदमी का एक ही कान है, इसलिए वह चश्मा तो पहन ही नहीं सकता…
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सरकारी एकाउन्टेन्ट...
एक सरकारी कार्यालय में एकाउन्टेन्ट के पद के लिए एक उम्मीदवार का इंटरव्यू लिया जा रहा था...
परीक्षक ने पूछा : दो और दो कितने होते हैं...?
सवाल सुनकर उम्मीदवार उठा और आहिस्ते से कमरे का दरवाजा खोलकर बाहर झांका... फिर उसने झुककर मेज के नीचे झांका... कहीं कोई न था...
फिर वह सारे खिड़की-दरवाजे बन्द कर परीक्षक के कान में फुसफुसाया : कितने होते हैं, इसको मारिए गोली... आप बताइए सर, आप कितने करवाना चाहते हैं...?
उसे बिना और कोई सवाल पूछे नौकरी पर रख लिया गया...
परीक्षक ने पूछा : दो और दो कितने होते हैं...?
सवाल सुनकर उम्मीदवार उठा और आहिस्ते से कमरे का दरवाजा खोलकर बाहर झांका... फिर उसने झुककर मेज के नीचे झांका... कहीं कोई न था...
फिर वह सारे खिड़की-दरवाजे बन्द कर परीक्षक के कान में फुसफुसाया : कितने होते हैं, इसको मारिए गोली... आप बताइए सर, आप कितने करवाना चाहते हैं...?
उसे बिना और कोई सवाल पूछे नौकरी पर रख लिया गया...
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