पिता ने नन्ही निष्ठा से पूछा, "मेरी प्यारी बेटी बड़ी होकर क्या बनना चाहती है...?"
निष्ठा ने भी तपाक से जवाब टिकाया, "पापा, मैं मां बनूंगी, खूब पढ़ाई करूंगी, और शादी भी करूंगी..."
पिता ने तुरंत कहा, "अच्छा... अच्छा... रहने दे... तू कुछ भी कर लेना, लेकिन सीक्वेंस का ध्यान रखना..."
चुटकुला ऐसी संज्ञा है, जिससे कोई भी अपरिचित नहीं... हंसने-हंसाने के लिए दुनिया के हर कोने में इसका प्रयोग होता है... खुश रहना चाहता हूं, खुश रहना जानता हूं, सो, चुटकुले लिखने-पढ़ने और सुनने-सुनाने का शौकीन हूं... कुछ चुनिंदा चुटकुले, या हंसगुल्ले, आप लोगों के सामने हैं... सर्वलोकप्रिय श्रेणियों 'संता-बंता', 'नॉनवेज चुटकुले', 'पति-पत्नी' के अलावा कुछ बेहतरीन हास्य कविताएं और मेरी अपनी श्रेणी 'शरारती सार्थक' भी पढ़िए, और खुद को गुदगुदाइए...
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Friday, December 18, 2009
नन्ही निष्ठा की ख्वाहिश...
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