कॉलेज में पढ़ने वाले एक लड़के ने अपनी ही क्लास की एक बेहद खूबसरत लड़की से कहा, "मेरी बन जाओ, मैं तुम्हारे लिए सब छोड़ दूंगा..."
लड़की ने भी पलटकर सवाल किया, "मां-बाप को...?"
लड़का तपाक से बोला, "बिल्कुल, बिना सोच-विचार किए..."
लड़की ने दूसरा सवाल दागा, "घर-बार, भाई-बहन...?"
लड़का फिर बोला, "यह भी कोई पूछने की बात है... बिल्कुल छोड़ दूंगा..."
लड़की ने फिर भी पूछा, "यार-दोस्त...?"
लड़के ने तुरंत कहा, "हां, हां... बिल्कुल..."
अब लड़की ने पूछा, "शराब-सिगरेट...?"
लड़का बोला, "दीदी, आप घर जाइए, आपके पापा परेशान हो रहे होंगे..."
यह चुटकुला मेरे मित्र अन्तर सोहिल के ब्लॉग पर था, अच्छा लगा, सो, थोड़ा-सा संपादित कर आपके लिए छाप दिया है...
चुटकुला ऐसी संज्ञा है, जिससे कोई भी अपरिचित नहीं... हंसने-हंसाने के लिए दुनिया के हर कोने में इसका प्रयोग होता है... खुश रहना चाहता हूं, खुश रहना जानता हूं, सो, चुटकुले लिखने-पढ़ने और सुनने-सुनाने का शौकीन हूं... कुछ चुनिंदा चुटकुले, या हंसगुल्ले, आप लोगों के सामने हैं... सर्वलोकप्रिय श्रेणियों 'संता-बंता', 'नॉनवेज चुटकुले', 'पति-पत्नी' के अलावा कुछ बेहतरीन हास्य कविताएं और मेरी अपनी श्रेणी 'शरारती सार्थक' भी पढ़िए, और खुद को गुदगुदाइए...
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Wednesday, August 11, 2010
लड़के आजकल के...
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विवेक रस्तोगी
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