Showing posts with label गांव. Show all posts
Showing posts with label गांव. Show all posts

Wednesday, December 09, 2009

जनसंख्या और ट्रेन...

एक गांव की जनसंख्या बहुत तेज़ी से बढ़ रही थी, सो, कारण जानने के लिए एक सर्वेक्षण कराया गया...

सर्वेक्षण की रिपोर्ट हासिल होने पर उसका गहन अध्ययन करने के बाद संबंधित अधिकारी ने सुझाव दिया, "गांव के पीछे बनी रेलवे लाइन से सुबह साढ़े तीन बजे एक एक्सप्रेस ट्रेन गुज़रती है, उसे बंद कर दिया जाए..."

सवाल किया गया, "ट्रेन का जनसंख्या से भला क्या संबंध है...?"

अधिकारी ने जवाब दिया, "दरअसल वह समय उठने के लिए बहुत जल्दी होता है और उस समय दोबारा सो पाना भी मुश्किल होता है..."
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

कौन हूं मैं...

मेरी पहेलियां...

मेरी पसंदीदा कविताएं, भजन और प्रार्थनाएं (कुछ पुरानी यादें)...

मेरे आलेख (मेरी बात तेरी बात)...