ग्राहक (दर्जी से शिकायती लहजे में) : अरे, भगवान ने तीन दिन में दुनिया बना डाली थी और तुम्हें एक कोट बनाने में तीन हफ्ते लग गए...
दर्जी (तपाक से) : इसीलिए तो कह रहा हूं, जल्दी का काम ठीक नहीं होता, दुनिया की हालत तो आप देख ही रहे हैं...
चुटकुला ऐसी संज्ञा है, जिससे कोई भी अपरिचित नहीं... हंसने-हंसाने के लिए दुनिया के हर कोने में इसका प्रयोग होता है... खुश रहना चाहता हूं, खुश रहना जानता हूं, सो, चुटकुले लिखने-पढ़ने और सुनने-सुनाने का शौकीन हूं... कुछ चुनिंदा चुटकुले, या हंसगुल्ले, आप लोगों के सामने हैं... सर्वलोकप्रिय श्रेणियों 'संता-बंता', 'नॉनवेज चुटकुले', 'पति-पत्नी' के अलावा कुछ बेहतरीन हास्य कविताएं और मेरी अपनी श्रेणी 'शरारती सार्थक' भी पढ़िए, और खुद को गुदगुदाइए...
Showing posts with label दर्जी. Show all posts
Showing posts with label दर्जी. Show all posts
Thursday, November 19, 2009
दुनिया और कोट...
कीवर्ड अथवा लेबल
Jokes,
Vivek Rastogi,
कोट,
चुटकुले,
दर्जी,
दुनिया,
भगवान,
विवेक रस्तोगी
Subscribe to:
Posts (Atom)