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Wednesday, December 02, 2009

महिलाओं की संतुष्टि...

कुछ कॉलेज छात्राओं का एक दल छुट्टियां मनाने समुद्रतट पर बसे एक छोटे-से शहर में गया...

वहां एक पांच-मंजिला होटल पर एक बोर्ड लगा था, "केवल महिलाओं के लिए..."

उत्सुकतावश, समूचे दल ने उसी होटल में ठहरने का निश्चय कर लिया...

होटल के मैनेजर ने उनका स्वागत करते हुए बताया, "देवियों, हमारे होटल में पांच मंजिलें हैं... प्रत्येक मंजिल की विशेषता उसकी सीढ़ियों के मुहाने पर ही लिखी हुई है... आप घूमकर देख लीजिए, और फिर जहां भी ठहरना चाहें, मुझे आकर बता दीजिए..."

पहली मंजिल पर लगे बोर्ड पर लिखा था, "इस मंजिल पर रहने वाले सभी पुरुष बेहद खूबसूरत हैं और अच्छा कमाते हैं..."

लड़कियां तुरंत अगली मंजिल की ओर बढ़ गईं...

दूसरी मंजिल पर लगे बोर्ड पर लिखा था, "इस मंजिल पर रहने वाले सभी पुरुष बेहद खूबसूरत हैं और अच्छा कमाते हैं, और वे बिस्तर में भी शानदार प्रदर्शन करते हैं..."

लड़कियां अब भी तीसरी मंजिल की ओर बढ़ गईं...

तीसरी मंजिल पर लगे बोर्ड पर लिखा था, "इस मंजिल पर रहने वाले सभी पुरुष बेहद खूबसूरत हैं और अच्छा कमाते हैं, बिस्तर में भी शानदार प्रदर्शन करते हैं, और उन्हें खाना पकाने का भी खासा अनुभव है..."

लड़कियां शायद इससे भी कुछ बेहतर चाहती थीं, सो, वे सब लगातार मुस्कुराती हुई चौथी मंजिल की तरफ बढ़ गईं...

चौथी मंजिल पर लगे बोर्ड पर लिखा था, "इस मंजिल पर रहने वाले सभी पुरुष बेहद खूबसूरत हैं और अच्छा कमाते हैं, बिस्तर में भी शानदार प्रदर्शन करते हैं, उन्हें खाना पकाने का खासा अनुभव है, और वे बच्चों के रखरखाव में भी माहिर हैं..."

यह मंजिल ठहरने की दृष्टि से पूरे दल को उपयुक्त लग रही थी, परंतु फिर उन्होंने सोचा, अब तक हर मंजिल पर पुरुषों की विशेषताएं बढ़ती आ रही हैं, सो, पांचवीं मंजिल पर इससे भी कुछ बेहतर ही होगा...
सो, पांचवीं मंजिल पर क्या है, यह जानने के लिए वे फिर सीढ़ियां चढ़ गईं...

पांचवीं मंजिल पर लगे बोर्ड पर लिखा था, "इस मंजिल पर कोई नहीं रहता है... यह मंजिल सिर्फ यह सिद्ध करने के लिए बनाई गई है कि महिलाओं को किसी भी प्रकार से संतुष्ट नहीं किया जा सकता..."
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