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Friday, September 09, 2011

शरारती सार्थक, और लड़कियों को मेकअप टिप्स...

शरारती सार्थक से उसकी कक्षा में पढ़ने वाली लड़कियों ने कहा, "यार सार्थक, मैडम हमेशा कहती हैं, तू बहुत होशियार है, हमें भी कोई टिप्स दे न..."

सार्थक ने चेहरे पर शरारती मुस्कान के साथ जवाब दिया, "ठीक है, ध्यान से सुनो... यह बात हमेशा ध्यान रखना... अपने चेहरे पर मेकअप करने में बहुत ज़्यादा वक्त कभी खराब मत करना..."

लड़कियों के चेहरे पर उलझन के भाव आए, और बोलीं, "इससे टाइम खराब कैसे होता है...?"

सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "दरअसल, तुम लोग नहीं जानतीं, लड़के सबसे पहले कहां देखते हैं..."

Tuesday, August 30, 2011

शरारती सार्थक, और नई मैडम...

शरारती सार्थक ने स्कूल से घर आते ही अपने पिता से कहा, "पापा... पापा... हमारी क्लास में आज एक नई मैडम आई थीं... बहुत हॉट हैं..."

पिता ने बेटे के मुंह से ऐसी भाषा सुनकर फटकारते हुए कहा, "तुम्हें शर्म आनी चाहिए, अपनी मैडम के बारे में ऐसी बात कहते हुए... टीचर तो मां-समान होती है..."

सार्थक ने तपाक से जवाब दिया, "मैं पहले से ही जानता था... आप हमेशा अपने जुगाड़ में ही लगे रहते हो..."

Wednesday, May 04, 2011

शरारती सार्थक और रिपोर्ट कार्ड...

शरारती सार्थक स्कूल से वार्षिक परिणाम सुनकर घर पहुंचा तो पिता ने कहा, "सार्थक, अपनी रिपोर्ट कार्ड दिखाओ..."

सार्थक ने मासूमियत से जवाब दिया, "पापा, दरअसल रिपोर्ट कार्ड मेरे पास नहीं है..."

पिता ने हैरानी से सवाल किया, "क्यों... कहां गई...?"

सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा, "दरअसल मेरी रिपोर्ट कार्ड मेरा दोस्त ले गया है, क्योंकि वह अपने मां-बाप को डराना चाहता था..."

Friday, January 28, 2011

रजनीकांत जाया करते थे स्कूल...

यह उन दिनों की बात है, जब रजनीकांत स्कूल जाया करते थे...

वैसे तो हमारे और उनके स्कूल में खास अन्तर नहीं था, परंतु उस स्कूल में बंक मारना टीचर का काम हुआ करता था...

Friday, November 26, 2010

शरारती सार्थक, और स्कूल का रिपोर्ट कार्ड...

शरारती सार्थक के पिता ने उसके स्कूल का रिपोर्ट कार्ड देखकर गुस्से में कहा, "इतने कम मार्क्स... दिल करता है, दो थप्पड़ लगाऊं..."

सार्थक ने तपाक से कहा, "बिल्कुल सही, पापा... चलो मेरे साथ, मैंने मैडम का घर भी देखा है..."

Thursday, November 11, 2010

शरारती सार्थक, उसके सहपाठी, और बड़ा घर...

शरारती सार्थक के सहपाठियों ने उसे चिढ़ाने की ठानी, और पहले ने गप हांकी, "मेरे दोस्तों, मेरा घर इतना बड़ा है कि एक कमरे से दूसरे में जाने के लिए मोटरसाइकिल इस्तेमाल करनी पड़ती है..."

दूसरे ने भी बढ़ा-चढ़ाकर बोलते हुए कहा, "यारों, मेरा घर इतना बड़ा है कि एक कमरे से दूसरे में जाने के लिए हमारे घर में लोकल ट्रेन चलती है..."

सार्थक कहां हार मानने वाला था, सो, तपाक से बोला, "मेरे प्यारे मित्रों, मेरा घर तो इतना बड़ा है कि एक कोने से दूसरे में जाओ तो रोमिंग लगने लगती है..."
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