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Friday, January 28, 2011

सच नहीं होते सपने...

दो सहेलियां आपस में बात कर रही थीं...

एक ने घबराई आवाज़ में कहा, "यार, कल रात मैंने सपने में देखा, किसी ने मेरे पेट में चाकू घोंप दिया... मुझे बहुत डर लग रहा है..."

दूसरी ने मुस्कुराकर उसे तसल्ली देते हुए कहा, "अरे बाबा, सपनों से नहीं डरते... अगर सपने सच होते तो मैं रोज़ सुबह गर्भवती होकर उठती..."
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