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Monday, August 02, 2010

पत्नी के उलाहने, और जन्मदिन का तोहफा...

मेरी पत्नी जब भी नाराज़ होती हैं, वह हर बात में उलाहने देने का मौका तलाश करती हैं...

ऐसे ही एक मौके पर जब मैं उनकी नाराज़गी से परेशान हो गया, तो सोचने लगा, ऐसा क्या करूं, जिसमें उन्हें किसी भी तरह का उलाहना देने का मौका न मिले, और उन्हें खुशी भी हो...

सो, काफी देर सोच-विचार करने के बाद मैंने उन्हें खुश करने के लिए उन दो कमीज़ों में से एक निकालकर पहन ली, जो उन्होंने मुझे जन्मदिन के तोहफे के तौर पर दी थीं...

अब मैं मुस्कुराता हुआ उनके पास रसोई में गया, ताकि कमीज़ देखकर उनका मूड ठीक हो जाए...

मुझे वह कमीज़ पहने देखते ही देवीजी बोलीं, "देखा, मुझे पहले से ही मालूम था... दूसरी वाली पसंद नहीं आई न...?"
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