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Thursday, October 14, 2010

शादी से पहले, शादी के बाद...

संता सिंह की पत्नी ने शिकायती लहजे में पति से सवाल किया, "शादी से पहले आप मुझे बहुत प्यार करते थे, और मौके-बेमौके तोहफे देते रहते थे, लेकिन शादी के बाद अब कोई गिफ्ट क्यों नहीं देते...?"

संता ने तपाक से जवाब दिया, "क्या तुमने कभी सुना है कि मछली जाल में फंस जाने के बाद भी मछुआरे ने उसे चारा खिलाया हो..."

Monday, August 02, 2010

पत्नी के उलाहने, और जन्मदिन का तोहफा...

मेरी पत्नी जब भी नाराज़ होती हैं, वह हर बात में उलाहने देने का मौका तलाश करती हैं...

ऐसे ही एक मौके पर जब मैं उनकी नाराज़गी से परेशान हो गया, तो सोचने लगा, ऐसा क्या करूं, जिसमें उन्हें किसी भी तरह का उलाहना देने का मौका न मिले, और उन्हें खुशी भी हो...

सो, काफी देर सोच-विचार करने के बाद मैंने उन्हें खुश करने के लिए उन दो कमीज़ों में से एक निकालकर पहन ली, जो उन्होंने मुझे जन्मदिन के तोहफे के तौर पर दी थीं...

अब मैं मुस्कुराता हुआ उनके पास रसोई में गया, ताकि कमीज़ देखकर उनका मूड ठीक हो जाए...

मुझे वह कमीज़ पहने देखते ही देवीजी बोलीं, "देखा, मुझे पहले से ही मालूम था... दूसरी वाली पसंद नहीं आई न...?"

Tuesday, January 05, 2010

सार्थक का तोहफा, मैडम के लिए...

स्कूल के आखिरी दिन सभी बच्चे अपनी प्यारी मैडम के लिए कोई न कोई तोहफा लेकर आए थे...

फूल की दुकान चलाने वाले के बेटे के हाथ से पैकेट लेकर मैडम ने उसे हिलाया, और हंसकर बोलीं, "मुझे मालूम है, इसमें फूल हैं..."

बच्चा खुश होकर बोला, "बिल्कुल सही, मैडम..."

उसके बाद टॉफी बेचने वाले के बेटे के हाथ से पैकेट लेकर मैडम ने उसे भी हिलाया, और हंसकर बोलीं, "मुझे मालूम है, इसमें टॉफी हैं..."

वह बच्चा भी ताली बजाते हुए बोला, "बिल्कुल सही, मैडम..."

तब वाइनशॉप चलाने वाले के बेटे सार्थक की बारी आई, और मैडम ने उसके हाथ से पैकेट लिया, हिलाया...

मैडम ने महसूस किया कि पैकेट में से कुछ द्रव बहकर बाहर आ रहा है, सो, उन्होंने अपनी अंगुली उस द्रव में डुबोई, और चखकर बोलीं, "मुझे मालूम है, इसमें नई किस्म की वाइन है, सार्थक..."

सार्थक ने भी ताली बजाते हुए कहा, "बिल्कुल नहीं, मैडम... मैं आपके लिए एक पिल्ला लेकर आया हूं..."

Monday, December 14, 2009

तोहफा इंग्लैण्ड से...

बंता सिंह की पत्नी प्रीतो अपनी कम्पनी की तरफ से दो सप्ताह के प्रशिक्षण के लिए इंग्लैण्ड जा रही थी...

जब बंता उसे हवाई अड्डे छोड़ने आया, तो शुभकामनाएं देते हुए बोला, "जल्दी लौट आना, डार्लिंग..."

जवाब में प्रीतो ने पूछा, "धन्यवाद जानू, बताओ, मैं तुम्हारे लिए इंग्लैण्ड से क्या तोहफा लाऊं...?"

बंता ज़ोर से हंसा और बोला, "एक अंग्रेज़ लड़की..."

प्रीतो चुप रह गई... और इंग्लैण्ड के लिए रवाना हो गई...

दो सप्ताह बाद जब प्रीतो वापस आई, बंता हवाई अड्डे पर उसे लेने भी गया, और मिलते ही पूछा, "कैसी रही तुम्हारी यात्रा, डार्लिंग...?"

प्रीतो ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "बहुत बढ़िया, जानू, थैंक्स..."

बंता ने फिर कुटिल मुस्कुराहट के साथ सवाल किया, "और मेरे तोहफे का क्या हुआ, डार्लिंग...?"

प्रीतो ने सवालिया नज़रों से पूछा, "कौन-सा तोहफा...?"

बंता ने जवाब दिया, "वही, जो मैंने तुमसे चलते वक्त कहा था, डार्लिंग... अंग्रेज़ लड़की..."

अब प्रीतो ने कुटिल मुस्कुराहट के साथ जवाब दिया, "अरे हां, मैंने तो पूरी कोशिश की है, लेकिन हमें कुछ महीने इंतज़ार करना होगा, यह देखने के लिए कि लड़की है या लड़का..."
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