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Wednesday, December 01, 2010

शरारती सार्थक, उसके पिता और फेसबुक...

जिस दिन सार्थक के पिता ने फेसबुक पर एकाउंट बनाया, सार्थक ने स्टेटस अपडेट किया, "Dad on FB... WTF..."

पिता ने पलटकर सवाल किया, "What's WTF, sonny...?"

सार्थक ने फिर लिखा, "Dad on FB... Welcome To Facebook..."

Friday, September 17, 2010

शरारती सार्थक का इम्तिहान...

इम्तिहान देने के लिए जाते हुए शरारती सार्थक को उसके पिता ने चेतावनी दी, "जितने सवालों के गलत जवाब देकर आएगा, उतने ही तमाचे तुझे मारूंगा..."

सार्थक ने सिर झुकाकर जवाब दिया, "जी, पापा, समझ गया..."

दोपहर को जब सार्थक घर लौटा, पिता ने पूछा, "अब ईमानदारी से बता, कितने सवाल गलत हुए...?"

सार्थक ने जवाब दिया, "पापा, एक भी नहीं... दरअसल आपकी तमाचों वाली बात मेरे दिमाग में घूमती रही, सो, एक भी जवाब गलत नहीं दिया..."

पिता ने खुश होते हुए फिर पूछा, "यानि 100 फीसदी पेपर सही...?"'

सार्थक तपाक से बोला, "नहीं, 100 फीसदी पेपर छोड़कर आया हूं..."

Monday, August 02, 2010

गुप्ता जी को पितृशोक...

हमारे गुप्ता जी अपनी कंजूसी के लिए जाने जाते हैं, जिनसे जुड़े कुछ चुटकुले मेरी मित्र पूजा गोयल ने मुझे भेजे थे... सो, आज से यह नई शृंखला 'गुप्ता जी' शुरू कर रहा हूं... आशा करता हूं, आप पसंद करेंगे...

गुप्ता जी के पिता का देहावसान हो गया...

विज्ञापन छपवाने के लिए उन्होंने अख़बार के दफ्तर में फोन किया और पूछा : मेरे पिताजी गुज़र गए हैं, विज्ञापन छपवाने के कितने पैसे लगेंगे...?

जवाब मिला : 50 रुपये प्रति शब्द...

गुप्ता जी ने तुरंत कहा : बहुत ज़्यादा हैं... अच्छा लिखिए, पिताजी गुज़र गए...

फिर आवाज़ आई : सर, कम से कम छह शब्द होने ज़रूरी हैं...

गुप्ता जी फिर बोले : ओह... ऐसा है क्या... अच्छा लिखिए, पिताजी गुज़र गए, मारुति बिकाऊ है...
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